पेलé की बेटी केले नासिमेंटो ने ब्राज़ील की फुटबॉल प्रणाली को 'टूटे' होने का आरोप लगाते हुए भ्रष्टाचार और बंद सर्कल की निशानी बताई। उनका बयान नॉर्वे के खिलाफ विश्व कप राउंड‑ऑफ़‑१६ में निराशाजनक हार के बाद आया, जो 1990 के बाद पहली बार क्वार्टर‑फ़ाइनल में न पहुंचने की कड़क याद दिलाता है।
पेलé की बेटी केले नासिमेंटो ने हालिया फ़ीफ़ा विश्व कप 2026 में ब्राज़ील की टीम के नॉर्वे से हार के बाद एक साक्षात्कार में कहा कि “ब्राज़ीलियन फुटबॉल टूटा हुआ है”। उनका बयान केवल एक व्यक्तिगत विचार नहीं, बल्कि ब्राज़ील के फुटबॉल ढांचे में गहरी समस्याओं की ओर इशारा करता है, जहाँ भ्रष्टाचार, चयन प्रक्रिया में पक्षपात और युवा प्रतिभा के विकास में व्यवधान प्रमुख कारक हैं।
इतिहास और वर्तमान परिप्रेक्ष्य
ब्राज़ील ने 1958, 1962, 1970, 1994 और 2002 में कुल पाँच विश्व कप जीते हैं, जिससे वह फुटबॉल की महाशक्ति के रूप में स्थापित हुआ। फिर भी, पिछले दो दशकों में उनकी सफलता निरंतर नहीं रही। 2014 में अपने ही घर में जर्मनी के हाथों 1‑7 की कड़ी हार, 2018 में क्वार्टर‑फ़ाइनल तक नहीं पहुंचना और अब 2026 में राउंड‑ऑफ़‑१६ में बाहर होना, इन सभी घटनाओं ने एक संकेत दिया है कि परिदृश्य बदल रहा है।
संरचनात्मक समस्याएँ
नासिमेंटो ने बताया कि ब्राज़ील में “एक बंद, अत्यधिक घनिष्ठ इकोसिस्टम” है, जहाँ बाहरी दृष्टिकोण नहीं आ पाता। कई विशेषज्ञों का मानना है कि क्लबों के बीच वित्तीय असमानता, युवा अकादमी में अपर्याप्त निवेश, और सड़कों पर असुरक्षित खेल सुविधाएँ इस इकोसिस्टम को और अधिक विषाक्त बना रही हैं। इसके अलावा, चयन समिति में राजनीतिक हस्तक्षेप और एजेंटों के दबाव ने कई बार योग्य खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम से बाहर रखा है।
कोच कार्लो अँसेलोती की प्रतिक्रिया
ब्राज़ील के प्रमुख कोच कार्लो अँसेलोती ने हार के बाद कहा कि टीम “गहरी निराशा” में है, पर साथ ही उन्होंने युवा प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और नई पीढ़ी को तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया। अँसेलोती ने कहा, “हमें कुछ युवा खिलाड़ियों को शामिल करना होगा, ताकि अगली विश्व कप चक्र में ब्राज़ील फिर से शीर्ष पर लौट सके।” यह बयान नासिमेंटो के विचारों को समर्थन देता दिखता है, क्योंकि दोनों ही भविष्य में एक व्यवस्थित सुधार की मांग कर रहे हैं।
भविष्य की राह
नॉर्वे के खिलाफ हार के बाद, ब्राज़ील के फुटबॉल प्रशंसकों के बीच असंतोष बढ़ा है, और कई आवाज़ें अब संरचनात्मक सुधार की मांग कर रही हैं। युवा प्रशिक्षण सुविधाओं में निवेश, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और संघीय स्तर पर भ्रष्टाचार विरोधी उपायों को लागू करना आवश्यक होगा। यदि ये कदम उठाए जाते हैं, तो ब्राज़ील का फुटबॉल फिर से विश्व मंच पर चमक सकता है, जैसा कि पेलé ने अपने करियर में दिखाया था।