फीफा ने अर्जेंटीना के रेफ़री फाकुंडो टेल्लो को बॉस्टन में होने वाले फ्रांस‑मोरक्को क्वार्टरफ़ाइनल की निगरानी के लिए नियुक्त किया है। यह नियुक्ति एक पूरी तरह से अर्जेंटीनी अधिकारी टीम के साथ पहली बार रही है, जिससे कुछ विवाद भी उत्पन्न हुए हैं।

बॉस्टन, मैसाचुसेट्स में स्थित फॉक्सबरो स्टेडियम में खेला जाने वाला 2026 फीफा विश्व कप क्वार्टरफ़ाइनल, फ्रांस और मोरक्को के बीच, अब फाकुंडो टेल्लो की निगरानी में होगा। टेल्लो, 44 वर्ष के अनुभवी अर्जेंटीनी रेफ़री, जिन्होंने 2019 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सेवा दी है, इस मैच में अपने तीसरे असाइनमेंट को पूरा करेंगे।

फाकुंडो टेल्लो का पेशेवर सफर

टेल्लो ने 2013 से अर्जेंटीना की शीर्ष लीग में रेफ़री के रूप में काम किया और 2022 विश्व कप, यूरो 2024 और 2021 फ़ीफा अरब कप सहित कई बड़े टूर्नामेंट में अपना पद स्थापित किया। 2022 में उन्होंने रेसिंग क्लब और बोका जूनीअर्स के बीच चैंपियंस टॉफ़ी फाइनल में 10 लाल कार्ड जारी कर वैश्विक सुर्खियों में आए, जिससे उनकी सख्त शैली की पहचान बनी।

क्वार्टरफ़ाइनल में पूरी अर्जेंटीनी अधिकारी टीम

टेल्लो के साथ सहायक रेफ़री जुआन पाब्लो बेलाट्टी और गेब्रियल चेडे, तथा चौथा आधिकारिक डारियो हेरेरा इस मैच में शामिल होंगे। यह पहली बार है जब फीफा ने एक ही मैच में सभी ऑन‑फ़ील्ड अधिकारी एक ही देश से चुने हों, जिससे फ्रांस के समर्थकों में आलोचना पाई जा रही है।

मैच की पृष्ठभूमि और संभावित प्रभाव

फ्रांस ने समूह I में सभी मैच जीतकर, स्वीडन को 3‑0 और पैराग्वे को 1‑0 से पार किया, जबकि मोरक्को ने समूह C से निकल कर नीदरलैंड्स को पेनल्टी से हराया और कनाडा को 3‑0 से मात दी। इस पुनर्मिलन में 2022 के स्मरणीय अर्धफ़ाइनल की छाप है, जहाँ फ्रांस ने मोरक्को को हराकर फाइनल पहुँचा था। टेल्लो की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाले लोग, विशेषकर अर्जेंटीना‑मोरक्को के बीच के पिछले विवादों को याद कर रहे हैं।

फ़ीफा का रुख

फ़ीफा के मुख्य रेफ़री अधिकारी पिएरल्युगी कोलिना ने कहा है कि सभी आधिकारिक स्वतंत्र हैं और किसी भी बाहरी दबाव से मुक्त हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रेफ़री के चयन में निरपेक्षता को प्राथमिकता दी जाती है, चाहे वह कौन से भी महादेश या संघ से हों।