31‑वर्षीय सर्वेश कुशारे ने मोनाको में आयोजित डायमंड लीग में 2.26 मीटर कूदकर तीसरा स्थान प्राप्त किया, जिससे वह भारत के इतिहास में हाई जंप का पहला पोडियम बन गए। यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स में नई आशा की किरण है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- सर्वेश कुशारे ने मोनाको में 2.26 मीटर कूदकर डायमंड लीग में तीसरा स्थान हासिल किया।
- वे पहला भारतीय हाई जंपर बन गए जिन्होंने इस प्रतिष्ठित लीग में पोडियम पर स्थान पाया।
- भविष्य में कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में 2.35 मीटर की सीमा को तोड़ने की संभावनाएँ।
मोनाको में 10 जुलाई, 2026 को आयोजित डायमंड लीग के हाई जंप इवेंट में सर्वेश कुशारे ने 2.26 मीटर की कूद लगाकर तीसरा स्थान सुरक्षित किया। यह प्रदर्शन न केवल व्यक्तिगत रिकॉर्ड को मजबूत करता है, बल्कि भारत के एथलेटिक्स इतिहास में एक मील का पत्थर भी स्थापित करता है। कुशारे की इस सफलता ने उन्हें नेरज चोपड़ा, मूल्ली श्रीशंकर और विकास गौडा जैसे भारतीय एलीट एथलीट्स की चार‑सदस्यीय क्लब में शामिल किया।
मोनाको में शानदार प्रदर्शन
कुशारे ने विश्व के शीर्ष हाई जंपर्स के बीच अपना दम दिखाया। तीन‑बार विश्व चैंपियन और टोक्यो ओलंपिक स्वर्ण विजेता मुताज़ एसा बर्शिम (2.20 मीटर) तथा इटली के जियानमार्को टाम्बेरी और अमेरिकी जुवॉर्न हैरिसन (समान रूप से चौथे स्थान) को मात दी। यूक्रेन के ओलेह डोरोश्चुक ने 2.32 मीटर से जीत हासिल की, जबकि ब्रिटेन के जैक किमानी ने 2.30 मीटर पर दूसरा स्थान हासिल किया। कुशारे ने 2.26 मीटर की कूद को सहजता से पूरा किया, जिससे उनका आत्मविश्वास और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग दोनों में वृद्धि हुई।
कुशारे की पृष्ठभूमि और संघर्ष
नाशिक जिले के देवर्गांव गांव में प्याज किसान के बेटे के रूप में जन्मे कुशारे ने बचपन में मक्का के भूसे, कपास और कृषि अपशिष्ट से बने अस्थायी लैंडिंग पिट्स पर प्रशिक्षण किया। 2014 में लगभग 20 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहली बार भाग लेने के बाद, उन्होंने 2018 में 2.24 मीटर की कूद से भारतीय ओपन में स्वर्ण जेत लिया। 2019 में 2.26 मीटर और 2022 में 2.27 मीटर की कूद के साथ उन्होंने क्रमशः अपनी प्रगति दिखायी। 2025 टोक्यो विश्व चैंपियनशिप में 2.18 मीटर पर छठे स्थान पर समाप्त होते हुए उन्होंने भारतीय पुरुष हाई जंप में पहली बार फाइनल क्वालिफाई किया।
भारतीय एथलेटिक्स पर प्रभाव
कुशारे की इस उपलब्धि से भारतीय एथलेटिक्स में हाई जंप को नई दिशा मिली है। 2015‑16 से पहले कोई भारतीय 2.20 मीटर से ऊपर नहीं कूद पाया था; तब से तेज़स्विन शंकर ने इस सीमा को तोड़ा और अब कुशारे 2.30 मीटर को पार कर चुके हैं। उनका प्रदर्शन युवा एथलीट्स को प्रेरित करेगा और राष्ट्रीय स्तर पर बुनियादी सुविधाओं एवं कोचिंग में निवेश को तेज़ी देगा। वर्तमान में वे सीज़न के शीर्ष चार में समानांतर स्थान पर हैं और एशिया में नंबर एक हैं।
आगामी लक्ष्य
कुशारे ने कहा, “मैं 2.30 मीटर से ऊपर कूद रहा हूँ, 2.35 मीटर का लक्ष्य अब भी मेरे सामने है, संभवतः कॉमनवेल्थ या एशियन गेम्स में इसे हासिल करूँगा।” ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रिटेन के जैक किमानी से टकराव और एशिया में बढ़ती प्रतिस्पर्धा उन्हें और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगी। यदि वह 2.35 मीटर को पार कर लेते हैं, तो वह विश्व स्तर पर शीर्ष पाँच में स्थायी रूप से जगह बना सकते हैं।