भारत की कप्तान हर्मनप्रीत कौर ने लर्ड्स में 270 रनों की जीत के बाद महिला टेस्ट मैचों की संख्या बढ़ाने की अपील की। उन्होंने टीम को "दस और टेस्ट" खेलने की आशा जताई, ताकि लंबी प्रारूप में भारत की पहचान मजबूत हो सके।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- हर्मनप्रीत कौर ने लर्ड्स में 270‑रन जीत के बाद महिला टेस्ट क्रिकेट में अधिक अवसरों की मांग की
- भारतीय महिला टीम ने लर्ड्स में पहली बार टेस्ट जीत कर इतिहास रचा
- कप्तान ने टीम के समर्थन कर्मचारी और फील्डिंग में सुधार की सराहना की
न्यू दिल्ली (रॉयटर्स) – भारत की महिला क्रिकेट टीम ने लर्ड्स में इंग्लैंड को 270 रन से हराकर इतिहास रचा, और कप्तान हर्मनप्रीत कौर ने इस जीत को महिला टेस्ट क्रिकेट की पुनरुत्थान की दिशा में एक मील का पत्थर बताया। इस एकल टेस्ट में भारत ने 341/7 घोषित करके इंग्लैंड को 457 का लक्ष्य दिया, जिससे इंग्लैंड को दो बड़े सत्रों में डिक्लेर करने का अवसर नहीं मिला।
लड़के के मैदान में महिला शक्ति
लर्ड्स, जो अक्सर "क्रिकट का घर" कहा जाता है, अब पहली बार महिला टेस्ट में भी जीत का साक्षी बना। यह जीत भारत की पिछले पाँच टेस्टों में चौथी जीत थी और इंग्लैंड में उनकी अब तक की रिकॉर्ड (तीन जीत, सात ड्रा) को और मजबूत करती है। इस जीत ने न केवल टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाया, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महिला टेस्ट क्रिकेट की मांग को भी उजागर किया।
हर्मनप्रीत का संदेश: "दस और टेस्ट"
मैच के बाद हर्मनप्रीत ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "आशा है कि हमें दस और टेस्ट मैच मिलेंगे और हम लगातार प्रदर्शन जारी रखेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि इस जीत की पटकथा को स्वयं भगवान ने लिखी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने इस सफलतापूर्ण यात्रा को स्वाभाविक रूप से स्वीकार किया।
टीम का सामूहिक योगदान
स्मृति मंदानाने पहले इनिंग्स में 83 रन बनाकर मंच तैयार किया, जबकि यस्तिका भाटिया ने लर्ड्स में पहला महिला टेस्ट शतक (113) बनाया। गेंदबाज़ी में कृष्णा गौड़ ने पहला इनिंग्स में पाँच विकेट लेकर टीम को बढ़त दिलाई, और स्नेह राणा ने दूसरे इनिंग्स में चार विकेट लेकर जीत को पक्की कर दी। हर्मनप्रीत ने यस्तिका के चयन की प्रशंसा की और टीम की फील्डिंग में सुधार को विशेष उल्लेख किया।
समर्थन स्टाफ और भविष्य की आशा
कप्तान ने समर्थन स्टाफ के योगदान को भी सराहा, विशेषकर अमोल सर और कोचिंग टीम को धन्यवाद दिया, जिन्होंने इंग्लैंड की कठिन स्थितियों में खिलाड़ियों को जल्दी अनुकूलित किया। अंत में उन्होंने लर्ड्स में मैच आयोजित करने वाले अधिकारियों का धन्यवाद किया और आशा व्यक्त की कि भविष्य में महिला टेस्ट मैचों को अधिक प्रतिष्ठित स्थलों पर खेला जाएगा।