पिछले महीने की कई प्रमुख रेफरी निर्णयों ने फुटबॉल प्रेमियों में यह आशंका बढ़ा दी है कि FIFA अर्जेंटीना को पक्षपाती लाभ दे रहा है। इस लेख में चार प्रमुख विवादों का विश्लेषण किया गया है और नियमों की वास्तविक व्याख्या प्रस्तुत की गई है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • लियोनेल मेसी की अल्जीरिया के खिलाफ चुनौती पर विवाद
  • ब्रिल एम्बोलो की लाल कार्ड और VAR की भूमिका
  • मोसतफा जिको का गोल रद्द और मोहम्मद सालह की पेनल्टी अपील

फुटबॉल के विश्व मंच पर FIFA के निर्णय हमेशा से ही चर्चा का विषय रहे हैं, परन्तु 2026 विश्व कप के दौरान अर्जेंटीना के खिलाफ ली गई कई प्रमुख रेफरी कार्रवाईयों ने इस बात को और तेज़ी से उठाया है कि क्या कोई पक्षपात मौजूद है। इस लेख में चार प्रमुख घटनाओं – मेसी की चुनौती, एम्बोलो की लाल कार्ड, जिको का गोल रद्द और सालह की पेनल्टी अपील – को विस्तार से देखेंगे और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल नियमों (IFAB) के अनुसार इनका मूल्यांकन करेंगे।

मेसी बनाम अइसा मंडी (अर्जेंटीना बनाम अल्जीरिया)

पहले मैच में लियोनेल मेसी ने अल्जीरिया के कप्तान अइसा मंडी को देर से टैकल किया, जिसमें उनके स्टड्स ने मंडी की टांग को छुआ। अल्जीरिया ने इसे रेड कार्ड की माँग की, पर मेसी को कोई दंड नहीं मिला और वह बाद में हैट्रिक तक पहुँच गया। इस घटना के बाद अल्जीरिया ने आधिकारिक शिकायत दर्ज की, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या रेफरी ने नियमों की सख्त पालना नहीं की।

ब्रिल एम्बोलो की लाल कार्ड (अर्जेंटीना बनाम स्विट्ज़रलैंड)

क्वार्टर‑फ़ाइनल में 69वें मिनट पर स्विस स्ट्राइकर ब्रिल एम्बोलो ने जमीन पर गिरते समय अर्जेंटीनी डिफेंडर लेआंद्रो पारेडेस को धक्का दिया बताया, जिससे रेफरी जाओ पिन्हेरो ने पारेडेस को येलो कार्ड दिया। VAR ने पुनरावलोकन किया और पाया कि कोई संपर्क नहीं था, इसलिए पारेडेस का कार्ड रद्द कर एम्बोलो को दूसरा येलो कार्ड दिया गया, जिससे वह बाहर हो गया। यह ‘मिसटेकन आइडेंटिटी’ नियम का प्रयोग था, जिसे IFAB ने विश्व कप से पहले विस्तारित किया था।

मोसतफा जिको का रद्द किया गया गोल (अर्जेंटीना बनाम इजिप्ट)

राउंड‑ऑफ़‑16 में इजिप्ट ने 58वें मिनट में मोसतफा जिको का गोल बताया, पर VAR ने फ्रेंच रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सिएर को दिखाया कि इजिप्ट की काउंटर‑अटैक का आरम्भिक फाउल मारवान अटिया ने किया था, जो 85 मीटर दूर था। IFAB के गोल‑रिव्यू प्रोटोकॉल के अनुसार, इस फाउल को ध्यान में रखते हुए गोल को रद्द किया गया। यह निर्णय तकनीकी रूप से सही था, परन्तु दूरी और समय के कारण इसे सबसे विवादास्पद माना गया।

मोहम्मद सालह की पेनल्टी अपील (अर्जेंटीना बनाम इजिप्ट)

मैच के अंत में, मोहम्मद सालह को पेनल्टी एरिया में गिरते हुए देखा गया, पर रेफरी ने तुरंत अपील को खारिज कर दिया। VAR ने पुनः जांच की और पाया कि संपर्क न्यूनतम था, इसलिए पेनल्टी नहीं दी गई। इससे इजिप्ट के प्रशंसकों में असंतोष बढ़ा, पर यह निर्णय नियमों के अनुरूप माना गया।

भविष्य की संभावनाएँ

इन घटनाओं ने FIFA की वैर (VAR) प्रणाली और IFAB के नियमों की प्रभावशीलता को फिर से सवाल में खड़ा किया है। जबकि नियम स्पष्ट हैं, उनका व्यावहारिक प्रयोग और मानव त्रुटि अभी भी बड़े विवाद का कारण बन सकते हैं। भविष्य में अधिक पारदर्शी समीक्षा प्रक्रियाएँ और रेफरी प्रशिक्षण की आवश्यकता है, ताकि खेल की निष्पक्षता बनी रहे और किसी एक टीम के प्रति पक्षपात के आरोप कम हों।