फ्रांस के कोच डिडिएर डेशैंप्स ने विश्व कप से बाहर निकलते ही रेफरी के प्रदर्शन पर सवाल उठाया, लेकिन स्वीकार किया कि टीम स्पेन के सामने पर्याप्त नहीं थी।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- डिशैंप्स ने रेफरी के कामकाज पर आलोचना की
- स्पेन ने सेमीफ़ाइनल में 2-0 से जीत हासिल की
- फ्रांस की तकनीकी स्तर में गिरावट स्पष्ट हुई
डिडिएर डेशैंप्स की कोप ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के शौकीनों को चौंका दिया है। 2026 फीफा विश्व कप के सेमीफ़ाइनल में फ्रांस को 2-0 से हार कर स्पेन ने टोक्यो के बाद फिर से फ्रांस को परास्त किया। डेशैंप्स ने मैच के बाद पत्रकारों से कहा कि रेफरी के निर्णयों पर सवाल उठाना आसान है, पर उनका मुख्य मुद्दा था कि क्या रेफरी सेमीफ़ाइनल की जिम्मेदारी संभाल सकता था।
सेमीफ़ाइनल की मुख्य घटनाएँ
मैच की 22वीं मिनट में लैमिन यामाल को पेनल्टी दी गई, जब लुसियास डिग्ने ने बॉक्स के भीतर गेंद को गलत तरीके से साफ़ करने की कोशिश की। मिकेल ओयराज़ाबाल ने इस पेनल्टी को गोल में बदलकर स्पेन को अग्रिम बढ़त दिलाई। इसके बाद 58वें मिनट में पेड्रो पोरो ने दूसरा गोल करके फ्रांस के लिए दांव को और कठिन कर दिया। दोनों गोलों ने फ्रांस को मानसिक और रणनीतिक रूप से पीछे धकेल दिया।
डेशैंप्स की आलोचना और स्वीकारोक्ति
डेशैंप्स ने कहा, “यदि मैं कुछ कहूँगा तो मैं हार मानने वाला दिखूँगा, पर सवाल यही है कि क्या रेफरी इस स्तर की जिम्मेदारी संभाल सकता है?” उन्होंने विशेष रूप से सल्वाडोर के रेफरी इवान आर्किडेस बार्टन सिस्नेरोस की कार्यशैली को ‘असंतोषजनक’ कहा। फिर भी, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फ्रांस की टीम उस रात पर्याप्त नहीं थी। “हमें अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थिति में होना चाहिए था, लेकिन हम नहीं रहे,” उन्होंने कहा।
तकनीकी पहलू और भविष्य की राह
फ़्रांस ने कुल 10 शॉट्स बनाए, पर केवल एक ही 13 मीटर के भीतर से आया। किलियन एंबापे की गोल-लाइनों को भी इस मैच में नहीं दिखा पाई। स्पेन ने आठ शॉट्स मार कर दो गोल किए और लगभग 60% द्वंद्व जीत लिया। डेशैंप्स ने कहा, “स्पेन ने बहुत अच्छी डिफेंस दी, और हमारी तकनीकी त्रुटियों ने हमें आगे बढ़ने से रोका।” अब फ्रांस को शनिवार को तीसरे स्थान के प्ले‑ऑफ़ में अपना स्थान सुरक्षित करना होगा।
इतिहास का एक नया अध्याय
डेशैंप्स की 14‑साल की कोचिंग अवधि अब समाप्ति की कगार पर है। 2018 में विश्व कप जीतने के बाद, 2022 में अर्जेंटीना के पास हार और अब 2026 में स्पेन के सामने सेमीफ़ाइनल में बाहर होना, फ्रांस की निरंतर सफलता की कहानी को चुनौती देता है। इस हार से फ्रांस को अपनी खेल रणनीति, युवा प्रतिभाओं और रेफरी के साथ संवाद को पुनः परखने का अवसर मिलेगा।