FIDE ने 2028 के ओपन और महिला उम्मीदवार टूर्नामेंट के लिए एक नया क्वालीफ़िकेशन ढांचा मंजूर किया है, जिसमें रेटिंग-आधारित स्थान हटाकर कुल चेस विश्व चैम्पियनशिप टूर को नया मार्ग बनाया गया है। विश्व कप से केवल दो फाइनलिस्ट ही उम्मीदवार बनेंगे, जबकि FIDE सर्किट दो‑साल की अवधि में दो स्थान प्रदान करेगा।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • रेटिंग-आधारित स्थान समाप्त, सभी जगहें प्रदर्शन‑आधारित
  • Total Chess World Championship Tour 2026‑2027 सीधे उम्मीदवार बनाता है
  • World Cup से केवल दो फाइनलिस्ट, FIDE Circuit दो‑साल में दो स्थान देता है

अंतरराष्ट्रीय शतरंज संघ FIDE ने 2028 के ओपन और महिला उम्मीदवार टूर्नामेंट के लिए एक व्यापक योग्यता प्रणाली प्रस्तुत की है। यह नई संरचना पिछले चक्रों में मौजूद रेटिंग‑आधारित स्थान को पूरी तरह से हटा देती है, जिससे खिलाड़ियों को विश्व‑रैंकिंग के बजाय प्रमुख प्रतियोगिताओं में निरंतर श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया जाएगा।

पृष्ठभूमि और परिवर्तन का कारण

परम्परागत रूप से, उम्मीदवार टूर्नामेंट में कुछ स्थान शीर्ष रेटिंग वाले खिलाड़ियों को स्वचालित रूप से मिलते थे। हालांकि, कई शतरंज विशेषज्ञों ने तर्क दिया कि यह प्रणाली युवा प्रतिभाओं और उन खिलाड़ियों को अनदेखा करती है जिन्होंने बड़े इवेंट्स में असाधारण प्रदर्शन किया है पर रैंकिंग में नहीं पहुँच पाए। FIDE की ग्लोबल स्ट्रैटेजी कमीशन ने इन चिंताओं को ध्यान में रखकर 2026‑2027 में एक नया टूर—Total Chess World Championship Tour—को एक सीधा क्वालीफ़िकेशन मार्ग के रूप में शामिल किया।

नया टूर और अन्य मार्ग

टूर के स्टैंडिंग्स में शीर्ष दो खिलाड़ी सीधे 2028 उम्मीदवार टूर्नामेंट में प्रवेश करेंगे। शेष छह स्थान दो‑तीन प्रमुख इवेंट्स से आवंटित किए जाएंगे: ग्रैंड स्विस (प्रत्येक लिंग में दो), विश्व कप (प्रत्येक लिंग में दो फाइनलिस्ट), तथा FIDE सर्किट (प्रत्येक लिंग में दो, दो‑साल की संयुक्त रैंकिंग के आधार पर)। इस बदलाव से विश्व कप के महत्व में भी कमी आई है, जहाँ अब केवल दो फाइनलिस्ट ही उम्मीदवार बनेंगे, जबकि पहले तीन स्थान उपलब्ध थे।

FIDE सर्किट का दो‑साल का विस्तार

पहले प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में केवल एक स्थान प्रदान किया जाता था, लेकिन अब 2026‑2027 सीज़न के समग्र परिणामों के आधार पर दो स्थान दिए जाएंगे। इस कदम से निरंतरता और दीर्घकालिक प्रदर्शन को अधिक महत्व मिला है, जिससे खिलाड़ी अपने शेड्यूल को अधिक रणनीतिक रूप से व्यवस्थित कर सकते हैं।

भविष्य की संभावनाएँ

FIDE के अध्यक्ष अर्कादी ड्वोरकोविच ने कहा, “उम्मीदवार प्रणाली विश्व चैम्पियनशिप चक्र की रीढ़ है, और इसे खेल के विकास के साथ-साथ विकसित होना चाहिए।” नई प्रणाली को पारदर्शी, संतुलित और प्रदर्शन‑आधारित बताया गया है, जिससे शतरंज की प्रतिस्पर्धात्मकता में नई ऊर्जा का संचार होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव युवा प्रतिभाओं को बड़े मंच पर पहुंचने का अवसर देगा और शतरंज को अधिक वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने में मदद करेगा।