घरेलू क्रिकेट सत्र 2026-27 से पहले हिमाचल प्रदेश टीम में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। पंजाब के बल्लेबाज नेहल वढेरा और अनुभवी प्रशांत चोपड़ा टीम में शामिल हो गए हैं।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- नेहल वढेरा पंजाब छोड़कर हिमाचल प्रदेश के लिए खेलेंगे।
- अनुभवी गेंदबाज प्रशांत चोपड़ा उत्तराखंड से वापस हिमाचल लौटे हैं।
- हिमाचल ने विनीत सक्सेना को नया मुख्य कोच नियुक्त किया है।
- टीम का लक्ष्य पिछले सीजन की निराशाजनक फॉर्म को सुधारना है।
भारतीय घरेलू क्रिकेट के परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। आगामी 2026-27 घरेलू सत्र के लिए हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ ने अपनी टीम को मजबूत करने के उद्देश्य से कुछ बड़े कदम उठाए हैं। पंजाब के प्रतिभाशाली बल्लेबाज नेहल वढेरा अब हिमाचल प्रदेश की जर्सी में नजर आएंगे। वढेरा, जिन्होंने आईपीएल में मुंबई इंडियंस और पंजाब किंग्स के लिए अपनी छाप छोड़ी है, पिछले सीजन में पंजाब के लिए नियमित खिलाड़ी नहीं रह पाए थे।
नेहल वढेरा: एक बहुमुखी प्रतिभा का आगमन
नेहल वढेरा का घरेलू क्रिकेट में एक शानदार रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने अपने पहले ही प्रथम श्रेणी मैच में गुजरात के खिलाफ शतक जड़कर सनसनी मचा दी थी। 17 प्रथम श्रेणी मैचों और 69 टी20 मैचों के अनुभव के साथ, वढेरा हिमाचल की मध्यक्रम की बल्लेबाजी को मजबूती प्रदान करेंगे। उनके साथ पुखराज मान और आर्यमन सिंह जैसे खिलाड़ी भी पहले से ही हिमाचल का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि टीम बाहरी प्रतिभाओं के माध्यम से अपनी संरचना को नया रूप दे रही है।
प्रशांत चोपड़ा की वापसी और कोचिंग में बदलाव
सिर्फ वढेरा ही नहीं, बल्कि अनुभवी गेंदबाज प्रशांत चोपड़ा भी अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश लौट आए हैं। पिछले सीजन में उत्तराखंड के लिए खेलते हुए चोपड़ा का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। उनके लौटने से हिमाचल की गेंदबाजी इकाई को अनुभव मिलेगा, हालांकि फिलहाल उन्हें शुरुआती टीम में जगह नहीं मिली है। इसके अतिरिक्त, हिमाचल ने अपने कोचिंग स्टाफ में भी बड़े फेरबदल किए हैं। विनीत सक्सेना को नया मुख्य कोच नियुक्त किया गया है, जबकि गगनदीप सिंह गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे।
हिमाचल के लिए एक नई शुरुआत की चुनौती
हिमाचल प्रदेश के लिए पिछला 2025-26 सीजन काफी चुनौतीपूर्ण रहा था। टीम तीनों प्रारूपों में नॉकआउट चरण तक पहुंचने में विफल रही थी। विशेष रूप से रणजी ट्रॉफी में, टीम अपने समूह में सबसे निचले पायदान पर रही, जहाँ उन्होंने सात में से दो मैच हारे और पांच ड्रॉ रहे। टी20 प्रारूप में भी उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। अब, नए खिलाड़ियों और नए कोचिंग स्टाफ के साथ, हिमाचल का लक्ष्य इस 'भूल जाने योग्य' सीजन के जख्मों को भरते हुए घरेलू क्रिकेट के शिखर पर वापसी करना है।