अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने विश्व कप में पक्षपात के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी सफलता कड़ी मेहनत का परिणाम है, न कि फीफा का कोई उपहार।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- लियोनेल मेसी ने अर्जेंटीना के प्रति फीफा के कथित पक्षपात के आरोपों को सिरे से खारिज किया।
- अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर विश्व कप फाइनल में प्रवेश किया।
- विपक्षी टीमों और कोचों ने रेफरी के निर्णयों और फीफा के ब्रैकेट पर सवाल उठाए हैं।
- फाइनल मुकाबला अर्जेंटीना और स्पेन के बीच खेला जाएगा।
अर्जेंटीना के महानतम खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने उन आलोचकों को कड़ा जवाब दिया है जो विश्व कप में अर्जेंटीना के प्रति फीफा के कथित पक्षपात का दावा कर रहे हैं। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में मिली रोमांचक जीत के बाद, मेसी ने स्पष्ट रूप से कहा, "हमें कुछ भी परोसा नहीं गया है।" उनके अनुसार, टीम की सफलता उनकी खेल क्षमता और चैंपियन मानसिकता का परिणाम है, न कि किसी बाहरी मदद का।
विवादों के घेरे में अर्जेंटीना की राह
अर्जेंटीना की विश्व कप यात्रा इस बार केवल मैदान पर खेल तक सीमित नहीं रही है, बल्कि यह विवादों में भी घिरी रही है। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 85वें मिनट तक 1-0 से पिछड़ने के बाद अर्जेंटीना ने 2-1 से वापसी की। इस जीत ने जहां अर्जेंटीना में जश्न का माहौल पैदा कर दिया, वहीं सोशल मीडिया पर यह बहस छिड़ गई कि क्या फीफा के ब्रैकेट और रेफरी के निर्णय 'ला अल्बिसेलेस्ते' (अर्जेंटीना की टीम) के पक्ष में हैं।
इससे पहले स्विट्जरलैंड और मिस्र के खिलाफ मैचों में भी विवाद हुए थे। स्विट्जरलैंड के कोच मुरात याकिन ने रेफरी के एक निर्णय को 'अस्वीकार्य' बताते हुए कहा कि उनकी टीम को गलत तरीके से बाहर किया गया। वहीं, मिस्र के कोच होसाम हसन ने भी आरोप लगाया कि फुटबॉल संस्थाएं मेसी और अर्जेंटीना का समर्थन कर रही हैं।
राजनीतिक और सामाजिक तनाव
खेल के मैदान से इतर, यह मामला राजनीतिक रंग भी ले चुका है। इंग्लैंड के खिलाफ जीत के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों द्वारा 'लास मालविनास सोन अर्जेंटिनास' (मालविनास अर्जेंटीना के हैं) लिखे बैनर के साथ जश्न मनाने के कारण ब्रिटिश सरकार ने फीफा से जांच की मांग की है। यह विवाद फॉकलैंड द्वीपों (मालविनास) पर लंबे समय से चले आ रहे क्षेत्रीय दावों से जुड़ा है।
अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने इन सभी आरोपों पर बेबाकी से कहा कि VAR के युग में मदद मिलना लगभग असंभव है और वे इन बातों से विचलित नहीं होते हैं। अब दुनिया की नजरें रविवार को होने वाले फाइनल पर हैं, जहां अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा।