राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) ने जूडो स्टार तुलिका मान को 'वेरवेआउट फेल्योर' के कारण निलंबित कर दिया है, जिससे उन्हें ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स से बाहर होना पड़ा है।
मुख्य बातें
- तुलिका मान को 12 महीनों में तीन बार 'वेरवेआउट' नियम तोड़ने के कारण निलंबित किया गया।
- वह ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से बाहर हो गई हैं।
- उन्हें दो साल के प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है।
- यह ग्लासगो खेलों से बाहर होने वाले दूसरे भारतीय जूडो खिलाड़ी हैं।
भारतीय जूडो की दिग्गज खिलाड़ी तुलिका मान को नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) द्वारा अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पिछले 12 महीनों के भीतर तीन बार 'वेरवेआउट' (whereabouts) विफलता दर्ज होने के बाद की गई है। इस निलंबन के परिणामस्वरूप, उन्हें आगामी ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स से तत्काल प्रभाव से बाहर कर दिया गया है।
तुलिका मान, जिन्होंने 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में +78kg श्रेणी में रजत पदक जीता था, इस बार भी पदक की प्रबल दावेदार मानी जा रही थीं। हालांकि, NADA के नोटिस ने उनके करियर पर संकट खड़ा कर दिया है। नियमों के अनुसार, यदि कोई एथलीट 12 महीने की अवधि में तीन बार परीक्षण के लिए उपलब्ध नहीं होता है या अपनी जानकारी साझा करने में विफल रहता है, तो उसे डोपिंग नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह घटना भारतीय खेल जगत के लिए एक गंभीर चेतावनी है। जब देश के सबसे अनुभवी एथलीट, जिन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में भी प्रतिनिधित्व किया था, इस तरह की विफलता का सामना करते हैं, तो यह एथलीटों के बीच अनुशासन और प्रोटोकॉल के महत्व को रेखांकित करता है।
'वेरवेआउट विफलताएं केवल प्रशासनिक चूक नहीं हैं, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एथलीट की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करती हैं।'
गौरतलब है कि तुलिका मान के अलावा, पुरुष जूडो खिलाड़ी अरुण कुमार को भी ग्लासगो से बाहर कर दिया गया है। अरुण को एक आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन डोप टेस्ट में एनाबॉलिक स्टेरॉयड के लिए सकारात्मक पाए जाने के बाद निलंबित किया गया था।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारतीय जूडो टीम ने 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया था, जहाँ छह सदस्यीय दल ने तीन पदक (दो रजत और एक कांस्य) जीते थे। तुलिका मान उस टीम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं और उनका प्रदर्शन भारतीय जूडो के लिए एक मानक रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. 'वेरवेआउट फेल्योर' क्या है?
जब कोई एथलीट परीक्षण के लिए निर्धारित समय या स्थान पर उपलब्ध नहीं होता है या अपनी लोकेशन की जानकारी देने में विफल रहता है, तो इसे वेरवेआउट फेल्योर कहा जाता है।
2. तुलिका मान को कितने समय के लिए प्रतिबंध मिल सकता है?
वर्तमान नियमों के आधार पर, उन्हें दो साल के प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है।