मुराली श्रीशंकर ने 8.01 मीटर की छलांग लगाकर और तेजस शिर्से ने 13.76 सेकंड में 110 मीटर बाधा पूरी करके क्रमशः अपने-अपने फाइनल में जगह बनाई। दोनों एथलीटों के प्रदर्शन भारत के एथलेटिक्स भविष्य को उज्ज्वल बनाते हैं।

मुख्य बिंदु

  • मुराली श्रीशंकर ने 8.01 मीटर की छलांग लगाई
  • तेजस शिर्से ने 13.76 सेकंड में 110 मीटर बाधा पूरी की
  • दोनों ही फाइनल में प्रवेश कर भारत के मेडल संभावनाओं को बढ़ाया

मुराली श्रीशंकर का शानदार क्वालिफाइंग प्रयास

मुराली श्रीशंकर ने ग्लासगो में आयोजित सीडब्ल्यूजी के लंबी कूद क्वालिफाइंग राउंड में केवल एक प्रयास में 8.01 मीटर की दूरी तय की, जिससे वह सीधे फाइनल में प्रवेश कर गए। यह छलांग 8 मीटर की कटऑफ़ सीमा से साफ़ ऊपर थी और उनके पिछले महीने के 8.38 मीटर के सीज़न बेस्ट से भी थोड़ी कम थी।

27 वर्षीया मुराली ने 2022 बर्मिंघम में सिल्वर मेडल जीतने के बाद इस बार भी अपनी निरंतरता दर्शाई। पिछले साल घुटने की टेंडन चोट से उबरने के बाद उन्होंने पाँच लगातार जीत दर्ज की, जिससे उनका आत्मविश्वास मजबूत हुआ।

तेजस शिर्से की बाधा दौड़ में प्रवेश

110 मीटर हर्डल्स में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारी तेजस शिर्से ने हीट 1 में 13.76 सेकंड का समय दर्ज किया, जिससे वह फाइनल में जगह बना सके। यह समय उनके सीज़न की सबसे धीमी गति थी, लेकिन क्वालिफाइंग मानदंडों को पूरा करने के लिए पर्याप्त रहा।

तेजस ने पिछले वर्ष कई अंतर्राष्ट्रीय मंचों से चूक कर अपना अंतरराष्ट्रीय अनुभव बनाने का लक्ष्य रखा है। 2025 विश्व चैंपियनशिप में अंतिम मिनट में रैंकिंग से जगह मिलने के बाद भी वह हीट से बाहर रहे, जिससे यह फाइनल उनके लिए विशेष महत्व रखता है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that दोनों एथलीटों की फाइनल में जगह बनना भारत के एथलेटिक्स टीम के लिए मेडल संभावनाओं को बढ़ाता है, खासकर जब ग्लासगो का मौसम ठंडा और बारिश वाला है, जो कूद और बाधा दोनों में तकनीकी सटीकता की मांग करता है।

कोच राजेश कुमार कहते हैं, “मुराली की तकनीक और तेजस की दृढ़ता इस सीडब्ल्यूजी में भारत को पेडल जीतने की उम्मीद दिलाती है।”
क्या आप जानते हैं?: 2018 के सीडब्ल्यूजी में भारतीय लंबी कूद ने पहला गोल्ड नहीं, बल्कि सिल्वर मेडल जीता था, जो अब इतिहास बन रहा है।

Frequently Asked Questions

  1. फाइनल कब आयोजित होगा? लंबी कूद और 110 मीटर बाधा दोनों के फाइनल बुधवार, 30 जुलाई को स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में होंगे।
  2. इन एथलीटों की मेडल संभावनाएँ क्या हैं? मुराली के पास वर्तमान फॉर्म को देखते हुए पोडियम पर पहुँचने की अच्छी संभावना है, जबकि तेजस को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहला मेडल जीतने के लिए तकनीकी सुधार की जरूरत है।