ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने एथलेटिक्स और पैरा-एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत का परचम लहराया है। मुरली श्रीशंकर ने लगातार दूसरा सिल्वर जीता, जबकि दिलीप गावित ने गोल्ड के साथ इतिहास रच दिया।

मुख्य आकर्षण

  • मुरली श्रीशंकर ने लगातार दूसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल जीता।
  • पैरा-एथलेटिक्स में दिलीप गावित ने 100 मीटर T47 में नया गेम रिकॉर्ड बनाकर गोल्ड जीता।
  • भारतीय मुक्केबाजों ने सेमीफाइनल में पहुंचकर कम से कम 10 मेडल पक्के कर लिए हैं।
  • भारत अब कुल 15 पदकों (3 गोल्ड, 9 सिल्वर, 3 ब्रॉन्ज) के साथ तालिका में आठवें स्थान पर है।

ग्लासगो, स्कॉटलैंड: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए देश को गौरवान्वित किया है। बुधवार का दिन विशेष रूप से ऐतिहासिक रहा, जहां एथलेटिक्स और पैरा-एथलेटिक्स के मैदान पर भारत ने दबदबा कायम किया। स्टार लॉन्ग जंपर मुरली श्रीशंकर ने 8.09 मीटर की शानदार छलांग लगाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। श्रीशंकर कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में लगातार दो बार लॉन्ग जंप में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।

पैरा-एथलेटिक्स में ऐतिहासिक 'वन-टू' फिनिश

भारत के लिए सबसे गर्व का क्षण पैरा-एथलेटिक्स ट्रैक पर आया। पुरुषों की 100 मीटर T47 स्पर्धा में दिलीप महादू गावित ने 10.71 सेकंड के नए गेम रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। उनके पीछे उनके ही साथी मोहम्मद बासिल मोरसिंगानकथ ने 10.83 सेकंड के साथ सिल्वर जीतकर भारत के लिए 'वन-टू' फिनिश सुनिश्चित किया। यह भारत का इस खेल में तीसरा स्वर्ण पदक है, जो मीराबाई चानू और शर्मिला ढाका के बाद आया है।

मुक्केबाजी में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन

रिंग के भीतर भी भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा देखने को मिल रहा है। साक्षी चौधरी, अरुंधति चौधरी, और विश्व चैंपियन जैस्मिन लाम्बोरिया सहित कुल 10 मुक्केबाजों ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। इस उपलब्धि के साथ ही भारतीय मुक्केबाजों ने बर्मिंघम 2022 के सात मेडल के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, भारत का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि देश अब केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि एथलेटिक्स और पैरा-स्पोर्ट्स में भी वैश्विक शक्ति बन रहा है। मुक्केबाजी में सेमीफाइनल में इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों का पहुंचना भविष्य के ओलंपिक प्रदर्शनों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

भारतीय एथलीटों की निरंतरता और पैरा-एथलीटों का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन वैश्विक खेल मानचित्र पर भारत की बढ़ती स्थिति को प्रमाणित करता है।
क्या आप जानते हैं?: मुरली श्रीशंकर ने 2022 बर्मिंघम खेलों में भी सिल्वर जीता था, जिससे वे एक दुर्लभ उपलब्धि हासिल करने वाले एथलीट बन गए हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: भारत ने अब तक कुल कितने पदक जीते हैं?
उत्तर: भारत ने अब तक कुल 15 पदक जीते हैं, जिनमें 3 गोल्ड, 9 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज शामिल हैं।

प्रश्न 2: दिलीप गावित ने कौन सा रिकॉर्ड बनाया?
उत्तर: दिलीप गावित ने 100 मीटर T47 स्पर्धा में 10.71 सेकंड का नया गेम रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड जीता।