मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारंश जैन को श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट टीम में शामिल किया गया है, जिसकी अश्विन ने जमकर तारीफ की है। अश्विन का मानना है कि जैन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होने की पूरी क्षमता है।
मुख्य बातें
- सारंश जैन को श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया है।
- रविचंद्रन अश्विन ने जैन की गेंदबाजी शैली और विकेट लेने की क्षमता की प्रशंसा की है।
- जैन ने मध्य प्रदेश के लिए शानदार घरेलू प्रदर्शन के बाद यह मुकाम हासिल किया है।
- वह 2021 के बाद भारत के पहले विशेषज्ञ ऑफ-स्पिनर हो सकते हैं जो डेब्यू करेंगे।
वर्षों के निरंतर घरेलू प्रदर्शन के बाद, सारंश जैन ने आखिरकार वह भारतीय टेस्ट टीम का बुलावा प्राप्त कर लिया है जिसके वे हकदार थे। भारत के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने जैन के इस चयन का स्वागत किया है और उनका मानना है कि इस ऑफ-स्पिनिंग ऑलराउंडर में बड़े मंच पर सफल होने के लिए आवश्यक सभी गुण मौजूद हैं।
मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए घोषित 15 सदस्यीय भारतीय टीम में जैन को शामिल किया गया है। अश्विन ने अपने यूट्यूब शो 'आश की बात' पर कहा कि जैन एक अलग तरह के ऑफ-स्पिनर हैं जो क्रीज से काफी दूर रहकर आक्रामक गेंदबाजी करते हैं। अश्विन के अनुसार, "उनका काम विकेट लेना है और उन्होंने बहुत सराहनीय काम किया है।"
क्यों महत्वपूर्ण है यह चयन?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, सारंश जैन का चयन भारतीय स्पिन विभाग में गहराई प्रदान करता है। वर्तमान में टीम में रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मानव सुथार जैसे विकल्प मौजूद हैं, जिससे जैन के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि, वाशिंगटन सुंदर की फिटनेस पर सस्पेंस को देखते हुए, जैन के लिए यह एक सुनहरा अवसर है।
"मुझे बहुत खुशी है। मैंने उन्हें देखा है और मैं उनके बारे में बहुत ऊंचा विचार रखता हूं। उनमें प्रदर्शन करने की पूरी क्षमता है।" - रविचंद्रन अश्विन
जैन का सफर संघर्षों से भरा रहा है। इंदौर में जन्मे सारंश ने 2014-15 में मध्य प्रदेश के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया था। उनके करियर के आंकड़ों पर नजर डालें तो उन्होंने 54 प्रथम श्रेणी मैचों में 188 विकेट लिए हैं और 2,000 से अधिक रन बनाए हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
सारंश जैन ने 2022 में मध्य प्रदेश को पहली बार रणजी ट्रॉफी जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, उन्हें देश के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर के लिए 'लाला अमरनाथ पुरस्कार' से भी नवाजा गया है। उनके करियर की प्रेरणा उनके पिता सुबोध जैन का वह हस्तलिखित नोट है, जो उन्होंने कैंसर सर्जरी के दौरान सारंश को लिखा था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. सारंश जैन का घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड कैसा है?
जैन ने 54 प्रथम श्रेणी मैचों में 27.30 की औसत से 188 विकेट लिए हैं और 31.75 की औसत से 2,000 से अधिक रन बनाए हैं।
2. अश्विन ने जैन की किस विशेषता की प्रशंसा की?
अश्विन ने उनकी आक्रामक गेंदबाजी और क्रीज से दूर रहकर गेंदबाजी करने की शैली की प्रशंसा की है।