मणिपुर के जादुमानी सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 55 किग्रा बॉक्सिंग सेमीफाइनल में नामीबिया के फिलिप पूमुलों मुताकेला हौसेब को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। फुटबॉल के मैदान से रिंग तक का उनका सफर अद्भुत है।

मुख्य बातें

  • जादुमानी सिंह ने नामीबिया के हौसेब को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
  • वह फुटबॉल के दिग्गज नेमार के प्रशंसक हैं और उनके खेल में वही चपलता दिखती है।
  • कद में छोटे होने के बावजूद, उन्होंने ऊंचाई वाले प्रतिद्वंद्वियों को मात दी है।
  • वह अब ग्वेर्वोंटा डेविस की तकनीक से प्रेरित होकर रिंग में उतरते हैं।

ग्लासगो, स्कॉटलैंड में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के उभरते हुए सितारे जादुमानी सिंह मंडेन्गबाम ने अपनी चमक बिखेर दी है। शुक्रवार को हुए 55 किग्रा पुरुष बॉक्सिंग सेमीफाइनल में, जादुमानी ने नामीबिया के फिलिप पूमुलों मुताकेला हौसेब को एकतरफा मुकाबले में 5-0 के फैसले से हराकर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया।

जादुमानी की सबसे बड़ी विशेषता उनकी रिंग में दिखने वाली चपलता और 'शोबोटिंग' (दिखावा) है, जिसने सोशल मीडिया पर उन्हें रातों-रात वायरल कर दिया है। दिलचस्प बात यह है कि बॉक्सिंग से पहले जादुमानी एक फुटबॉलर थे। मणिपुर के इरोइसेम्बा गांव में पले-बढ़े जादुमानी ब्राजील के सुपरस्टार नेमार के कट्टर प्रशंसक रहे हैं। फुटबॉल के मैदान पर विंगर के रूप में खेलने के दौरान उन्होंने जो फुटवर्क और ड्रिब्लिंग सीखी, वही आज बॉक्सिंग रिंग में उनके बचाव और आक्रमण का आधार बनी है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, जादुमानी का खेल पारंपरिक भारतीय बॉक्सिंग शैली से अलग है। जहाँ अधिकांश मुक्केबाज केवल शक्ति पर ध्यान केंद्रित करते हैं, वहीं जादुमानी फुटवर्क और रिदम का उपयोग करते हैं। उनका यह 'एथलेटिक स्टाइल' न केवल दर्शकों को लुभाता है, बल्कि उन्हें रिंग में अधिक सक्रिय और अप्रत्याशित भी बनाता है।

"रिंग में मेरी गतिविधियाँ केवल प्रदर्शन के लिए नहीं हैं, बल्कि खुद को सक्रिय रखने और प्रतिद्वंद्वी को भ्रमित करने के लिए हैं," जादुमानी ने कहा।

कद की चुनौती का सामना करते हुए, 162 सेमी के जादुमानी ने अब तक पाकिस्तान के सुमामा रहमान और स्कॉटलैंड के आरोन कुलेन जैसे लंबे प्रतिद्वंद्वियों को हराया है। वह अपनी कम ऊंचाई का फायदा उठाते हुए प्रतिद्वंद्वियों के शरीर (बॉडी शॉट्स) पर प्रहार करते हैं और जैसे ही उनका गार्ड नीचे गिरता है, वे सिर पर सटीक वार करते हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

जादुमानी ने अपना अंतरराष्ट्रीय करियर ब्राजील में ही शुरू किया था, जहाँ उन्होंने 50 किग्रा श्रेणी में कांस्य पदक जीता था। उनके करियर में एक बड़ा मोड़ तब आया जब उनके चाचा मिलन ने उन्हें व्यक्तिगत खेल (बॉक्सिंग) में करियर बनाने की सलाह दी, जिससे उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान मिली।

क्या आप जानते हैं?: जादुमानी सिंह ने अपनी तकनीक को बेहतर बनाने के लिए अमेरिकी पेशेवर मुक्केबाज ग्वेर्वोंटा डेविस के वीडियो का गहन अध्ययन किया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: जादुमानी सिंह किस भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं?
उत्तर: वह वर्तमान में 55 किग्रा भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

प्रश्न 2: जादुमानी का खेल किस खिलाड़ी से प्रेरित है?
उत्तर: उनका फुटवर्क फुटबॉल स्टार नेमार से और रिंग तकनीक अमेरिकी मुक्केबाज ग्वेर्वोंटा डेविस से प्रेरित है।