जमशेदपुर एफसी के खिलाड़ियों ने टाटा समूह से भारतीय सुपर लीग (ISL) से बाहर होने के फैसले को वापस लेने की भावुक अपील की है। खिलाड़ियों का कहना है कि यह निर्णय भारतीय फुटबॉल के भविष्य के लिए एक बड़ा झटका है।
मुख्य बातें
- जमशेदपुर एफसी ने ISL 2026-27 सीजन से बाहर होने का फैसला किया है।
- खिलाड़ी प्रतीक चौधरी और प्रणय हलदर ने टाटा समूह से फैसले पर पुनर्विचार करने की भावुक अपील की।
- क्लब पर अनिवार्य भागीदारी शुल्क का भुगतान न करने के कारण बाहर होने के संकेत मिले हैं।
- खिलाड़ियों का तर्क है कि यह क्लब भारतीय फुटबॉल और युवा प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच रहा है।
भारतीय फुटबॉल जगत में उस वक्त हड़कंप मच गया जब यह खबर सामने आई कि जमशेदपुर एफसी (Jamshedpur FC) आगामी 2026-27 के इंडियन सुपर लीग (ISL) सीजन से बाहर हो रही है। इस फैसले ने न केवल क्लब के प्रशंसकों को बल्कि टीम के खिलाड़ियों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।
खिलाड़ी प्रतीक चौधरी और वरिष्ठ खिलाड़ी प्रणय हलदर ने टाटा समूह के शीर्ष नेतृत्व से हाथ जोड़कर गुहार लगाई है। प्रतीक चौधरी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल 'X' पर एक भावुक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि टाटा ब्रांड पर उनका अटूट विश्वास था। उन्होंने कहा, "हम सभी ने टाटा के नाम पर भरोसा किया, इसलिए यह निर्णय हमारे लिए पूरी तरह से अप्रत्याशित और दुखद है।"
यह क्यों मायने रखता है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जमशेदपुर एफसी केवल एक फुटबॉल क्लब नहीं है, बल्कि यह टाटा फुटबॉल एकेडमी (TFA) के माध्यम से भारतीय फुटबॉल की नर्सरी रहा है। निखिल और विशाल जैसे खिलाड़ियों ने इसी मंच से भारतीय राष्ट्रीय टीम तक का सफर तय किया है। क्लब का अचानक हटना भारतीय फुटबॉल के विकास क्रम को पीछे धकेल सकता है।
"कृपया इस फैसले पर पुनर्विचार करें, क्योंकि यह सिर्फ एक क्लब का अंत नहीं, बल्कि भारतीय फुटबॉल के एक सुनहरे अध्याय का अंत होगा।"
रिपोर्ट्स के अनुसार, क्लब के बाहर होने का एक प्रमुख कारण नए ISL कमर्शियल फ्रेमवर्क के तहत अनिवार्य भागीदारी शुल्क का भुगतान न कर पाना बताया जा रहा है। हालांकि क्लब ने स्पष्ट रूप से इसका उल्लेख नहीं किया है, लेकिन प्रशासनिक कारणों और संशोधित संरचना ने इस संकट को गहरा दिया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
जमशेदपुर एफसी की स्थापना 2017 में हुई थी। पिछले नौ वर्षों में, क्लब ने ISL में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है और कई बार शीर्ष स्तर पर प्रतिस्पर्धा की है। क्लब ने न केवल मैच जीते हैं, बल्कि देश को कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी दिए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. जमशेदपुर एफसी ISL से क्यों बाहर हो रही है?
कहा जा रहा है कि नए कमर्शियल नियमों के तहत भागीदारी शुल्क का भुगतान न कर पाना इसका मुख्य कारण हो सकता है।
2. खिलाड़ियों ने क्या मांग की है?
खिलाड़ियों ने टाटा समूह के नेतृत्व से इस फैसले को बदलने और क्लब की विरासत को बचाने की अपील की है।