कंधे की गंभीर सर्जरी और सात महीने के लंबे संघर्ष के बाद, यश वीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भाला फेंक (Javelin Throw) में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है।
मुख्य बातें
- यश वीर सिंह ने 85.41 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।
- वह कॉमनवेल्थ गेम्स में भाला फेंक में पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय बने।
- उन्होंने कंधे की गंभीर सर्जरी और 7 महीने के पुनर्वास (rehabilitation) के बाद वापसी की।
- नीरज चोपड़ा ने सिल्वर पदक जीता, जिससे भारत के लिए ऐतिहासिक क्षण आया।
ग्लासगो के स्कॉटस्टाउन स्टेडियम में जब यश वीर सिंह अपने छठे और अंतिम थ्रो के लिए आगे बढ़े, तो उनके कानों में दो आवाजें गूंज रही थीं। एक आवाज ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा की थी, जिन्होंने उन्हें खुद पर विश्वास रखने के लिए प्रेरित किया, और दूसरी उनके पिता व कोच राय सिंह की, जिन्होंने उनसे अपना सब कुछ झोंक देने को कहा।
परिणाम स्वरूप, यश वीर ने 85.41 मीटर का शानदार थ्रो किया और सातवें स्थान से सीधे कांस्य पदक की स्थिति में आ गए। यह उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में लगभग तीन मीटर की वृद्धि थी। इस उपलब्धि के साथ, वह कॉमनवेल्थ गेम्स में भाला फेंक में पदक जीतने वाले केवल तीसरे भारतीय बन गए हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह जीत?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यश वीर की यह जीत केवल एक पदक नहीं, बल्कि अटूट इच्छाशक्ति का प्रमाण है। पहली बार इतिहास में, कॉमनवेल्थ गेम्स के भाला फेंक पोडियम पर दो भारतीय खिलाड़ी (नीरज चोपड़ा और यश वीर सिंह) एक साथ खड़े हुए। यह भारतीय एथलेटिक्स के बढ़ते प्रभुत्व को दर्शाता है।
"यश वीर का प्रदर्शन यह साबित करता है कि मानसिक मजबूती शारीरिक चोटों से कहीं अधिक शक्तिशाली होती है।"
इस जीत के पीछे संघर्ष की एक लंबी कहानी है। साल 2022 में, प्रशिक्षण के दौरान यश वीर के कंधे की मांसपेशी (supraspinatus) में गंभीर चोट आई थी, जिसके कारण उन्हें जयपुर के अभिनव बिंद्रा टारगेटिंग परफॉरमेंस सेंटर में सर्जरी करानी पड़ी थी। डॉक्टरों ने उन्हें कम से कम सात महीने तक प्रतिस्पर्धा से बाहर रहने की सलाह दी थी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारतीय भाला फेंक का इतिहास नीरज चोपड़ा के स्वर्ण पदक के बाद एक नए युग में प्रवेश कर गया है। यश वीर सिंह जैसे खिलाड़ियों का उदय यह सुनिश्चित करता है कि भारत अब केवल एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं है, बल्कि एक पूरी 'थ्रोइंग स्कूल' के रूप में उभर रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. यश वीर सिंह ने कितने मीटर का थ्रो किया?
यश वीर सिंह ने 85.41 मीटर का थ्रो करके कांस्य पदक जीता।
2. यश वीर की चोट क्या थी?
उन्हें कंधे की 'रोटेटर कफ' (supraspinatus) में गंभीर चोट आई थी, जिसके लिए सर्जरी की आवश्यकता पड़ी थी।