इंडियन पिकलबॉल एसोसिएशन (IPA) ने भारत में पिकलबॉल को एक पेशेवर खेल के रूप में स्थापित करने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पेश की है, जिसमें स्कूलों और सरकारी कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

मुख्य बातें

  • IPA को अब नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन (NSF) के रूप में मान्यता प्राप्त है।
  • CBSE और खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से जमीनी स्तर पर विकास का लक्ष्य।
  • भारत में पहला उपकरण परीक्षण और प्रमाणन प्रयोगशाला स्थापित करने की योजना।
  • पूर्वोत्तर भारत और जम्मू-कश्मीर पिकलबॉल के नए केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।

भारत में पिकलबॉल की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। वैश्विक महामारी के दौरान शुरू हुआ यह खेल अब केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि एक पेशेवर खेल बनने की ओर अग्रसर है। इंडियन पिकलबॉल एसोसिएशन (IPA) ने हाल ही में एक महत्वाकांक्षी ब्लूप्रिंट पेश किया है, जिसका उद्देश्य केवल फ्रेंचाइजी लीग बनाना नहीं, बल्कि खेल के पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) को जमीनी स्तर से मजबूत करना है।

जमीनी स्तर पर विस्तार: स्कूल और सरकारी कार्यक्रम

IPA के अध्यक्ष सूर्यवीर सिंह भुल्लर ने बताया कि संघ का मुख्य ध्यान अब खिलाड़ियों के लिए एक स्थायी मार्ग तैयार करने पर है। इसके लिए कोचिंग और रेफरी प्रमाणन कार्यक्रमों के साथ-साथ स्कूलों में खेल को शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है। IPA वर्तमान में CBSE स्पोर्ट्स प्रोग्राम और खेलो इंडिया जैसे सरकारी कार्यक्रमों में पिकलबॉल को शामिल करने के लिए सरकार के साथ चर्चा कर रहा है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि किसी भी खेल की दीर्घकालिक सफलता उसके 'ग्रासरूट' यानी आधार स्तर की मजबूती पर निर्भर करती है। केवल बड़ी लीग चलाने से खेल का विकास नहीं होता; इसके लिए स्कूलों में समर्पित कोर्ट और प्रशिक्षित प्रशिक्षकों की आवश्यकता होती है। IPA का 'स्पोर्ट्स गुरुकुल' के साथ मिलकर इंटर-स्कूल चैंपियनशिप शुरू करना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।

"सरकारी मान्यता एक मील का पत्थर है, जिसने हमें पूरे देश में खिलाड़ियों के लिए एक व्यवस्थित रैंकिंग प्रणाली लागू करने की शक्ति दी है।" - सूर्यवीर सिंह भुल्लर

खेल का भौगोलिक विस्तार भी काफी दिलचस्प रहा है। पहले गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्य दबदबा रखते थे, लेकिन अब पूर्वोत्तर भारत, जम्मू-कश्मीर और पश्चिम बंगाल जैसे क्षेत्र पिकलबॉल के नए पावरहाउस बनकर उभर रहे हैं।

क्या आप जानते हैं?: पिकलबॉल की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण इसकी कम उम्र में सीखने की क्षमता और टेनिस की तुलना में कम शारीरिक तनाव है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. IPA को क्या मान्यता मिली है?
IPA को भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन (NSF) के रूप में मान्यता दी गई है।

2. पिकलबॉल के विकास के लिए अगला बड़ा कदम क्या है?
अगला बड़ा कदम स्कूलों में पिकलबॉल को शामिल करना और भारत में पहला उपकरण परीक्षण लैब स्थापित करना है।