केंद्र सरकार ने खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए खेलो इंडिया योजना के तहत ₹29,054 करोड़ के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दी है। इस नए ढांचे में राज्यों को भी विकास कार्यों में भागीदार बनाया गया है।

मुख्य बिंदु

  • खेलो इंडिया योजना के लिए ₹29,054 करोड़ का कुल परिव्यय स्वीकृत।
  • राज्यों के लिए ₹565 करोड़ का विशेष घटक निर्धारित।
  • उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्यों को केंद्र से 90% वित्तीय सहायता मिलेगी।
  • केंद्र शासित प्रदेशों का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी।

भारत सरकार ने देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में खेलो इंडिया योजना के लिए ₹29,054 करोड़ के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, राष्ट्रीय खेल महासंघों को सहायता (ANSF) के लिए ₹7,387 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

इस योजना के पुनर्गठन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब राज्यों को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास में भागीदार बनाया गया है। सरकार ने राज्यों के लिए ₹565 करोड़ का एक विशेष कोष रखा है, जिसका उपयोग खेल बुनियादी ढांचे के विकास में किया जाएगा। इससे पहले की योजनाओं में राज्यों की भूमिका सीमित थी, लेकिन अब उन्हें परियोजनाओं में स्वामित्व (ownership) दिया जाएगा।

वित्तीय वितरण का ढांचा

खेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि केंद्र का हिस्सा ₹28,489 करोड़ होगा, जबकि राज्यों का हिस्सा ₹565 करोड़ तय किया गया है। फंडिंग का अनुपात क्षेत्र के आधार पर भिन्न होगा:

क्षेत्र का प्रकारकेंद्र का हिस्साराज्य का हिस्सा
सामान्य राज्य60%40%
उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्य90%10%
केंद्र शासित प्रदेश100%0%

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह निवेश भारत की वैश्विक खेल महत्वाकांक्षाओं को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों (जैसे असम, मणिपुर, सिक्किम) और हिमालयी राज्यों (हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड) पर ध्यान केंद्रित करना भारत की खेल प्रतिभा के भौगोलिक विस्तार के लिए महत्वपूर्ण है।

यह नया फंडिंग मॉडल राज्यों को खेल विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाकर भारत को एक वैश्विक खेल शक्ति बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

भारत के वैश्विक लक्ष्य

ANSF फंड का उपयोग केवल घरेलू विकास के लिए ही नहीं, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन क्षमता को बढ़ाने के लिए भी किया जाएगा। इसमें दिल्ली में बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप, 2028 विश्व एथलेटिक्स इनडोर चैंपियनशिप और 2030 अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी शामिल है। सरकार का लक्ष्य 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक की मेजबानी के दावे को मजबूत करना है।

क्या आप जानते हैं?: वर्तमान में भारत में 22 खेलों में लगभग 3,000 खेलो इंडिया एथलीट हैं, जिसे सरकार नौ गुना बढ़ाने का लक्ष्य रख रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. उत्तर-पूर्वी राज्यों को कितना फंड मिलेगा?
उत्तर-पूर्वी राज्यों को बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र से 90% वित्तीय सहायता प्राप्त होगी।

2. ANSF योजना क्या है?
ANSF (Assistance to National Sports Federations) एक पूरक सहायता योजना है जो राष्ट्रीय खेल महासंघों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने और आयोजन करने में मदद करती है।