गोवा में आयोजित प्रतिष्ठित रेनफॉरेस्ट चैलेंज (इंडिया) में केरल की 'किलरबुल' टीम ने 4X4 स्टॉक श्रेणी में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। एथुल थॉमस और बिनिल बाबू ने अपनी मारुति जिम्नी के साथ कठिन रास्तों को फतह किया।
मुख्य बातें
- केरल की 'किलरबुल' टीम ने 4X4 स्टॉक क्लास में स्वर्ण पदक जीता।
- एथुल थॉमस और बिनिल बाबू ने मारुति जिम्नी के साथ यह उपलब्धि हासिल की।
- यह केरल के लिए इस श्रेणी में पहली बड़ी जीत है।
- प्रतियोगिता में टीम ने 1,400 में से 1,247 अंक हासिल किए।
गोवा के घने जंगलों और चुनौतीपूर्ण मानसून के बीच आयोजित रेनफॉरेस्ट चैलेंज (इंडिया) 2026 में केरल के एथुल थॉमस और बिनिल बाबू ने अपनी अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने 4X4 स्टॉक श्रेणी में चैंपियन बनकर न केवल अपनी जीत का परचम लहराया, बल्कि केरल के मोटरस्पोर्ट इतिहास में एक नया अध्याय भी लिख दिया।
अपनी टीम 'किलरबुल' (Killerbull) के नाम से जाने जाने वाले इस जोड़े ने अपनी मारुति जिम्नी के साथ 14 कठिन चरणों (stages) को सफलतापूर्वक पार किया। यह मुकाबला दुनिया के सबसे कठिन ऑफ-रोड रेसों में से एक माना जाता है, जहाँ चालक को कीचड़, फिसलन और बिना सड़क वाले जंगलों से जूझना पड़ता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह जीत केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि भारत में उभरते ऑफ-रोड मोटरस्पोर्ट्स के लिए एक संकेत है। केरल के ड्राइवरों ने साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों और स्टॉक वाहनों के साथ भी वैश्विक स्तर की चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।
"यह चार दिनों का अत्यंत कठिन मुकाबला था, जहाँ कोई पक्की सड़क नहीं थी, बस घने जंगल और कीचड़ था।" - बिनिल बाबू
एथुल थॉमस, जिन्हें मोटरस्पोर्ट्स में 10 वर्षों का अनुभव है, ने इस रेस में रणनीतिक कुशलता दिखाई, जबकि बिनिल बाबू, जो मूल रूप से एक बाइक रेसर हैं, ने पहली बार कार के साथ को-ड्राइवर की भूमिका निभाते हुए शानदार तालमेल दिखाया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
रेनफॉरेस्ट चैलेंज मूल रूप से मलेशिया में मुख्यालय वाला एक वैश्विक चरम ऑफ-रोड इवेंट है। भारत में इसका आयोजन गोवा में किया जाता है, जो दुनिया की शीर्ष 10 सबसे कठिन मोटर रेसों में गिना जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. केरल की टीम ने कौन सी कार का उपयोग किया?
टीम ने अपनी जीत के लिए मारुति जिम्नी (Maruti Jimny) का उपयोग किया।
2. इस रेस की सबसे बड़ी चुनौती क्या थी?
भारी बारिश, फिसलन भरा कीचड़ और बिना सड़क वाला घना जंगली इलाका सबसे बड़ी चुनौतियां थीं।