भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने उत्तराखंड में अपना घर बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण में मदद करने हेतु मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोशल मीडिया पर विशेष अपील की है।
मुख्य बातें
- ऋषभ पंत उत्तराखंड में अपना नया घर बनाना चाहते हैं और दिल्ली से बेस शिफ्ट करना चाहते हैं।
- उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में सहायता मांगी है।
- पंत ने स्पष्ट किया कि वे मुफ्त जमीन नहीं, बल्कि सरकारी दरों पर जमीन खरीदना चाहते हैं।
- पंत उत्तराखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत आयकरदाताओं में से एक हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने शनिवार तड़के एक बेहद असामान्य और भावुक अपील की है। पंत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सीधे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए उनसे राज्य में जमीन अधिग्रहण में मदद करने का अनुरोध किया है, ताकि वे दिल्ली से अपना आधार बदलकर अपने गृह राज्य में अपना पहला घर बना सकें।
पंत, जो वर्तमान में भारतीय टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर हैं, ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से उत्तराखंड में उपयुक्त जमीन खोजने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप कोई संपत्ति नहीं मिल पाई है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि वे अपनी जड़ों की ओर लौटना चाहते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद अपने राज्य के विकास में योगदान देना चाहते हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, पंत की यह मांग केवल एक व्यक्तिगत इच्छा नहीं है, बल्कि यह राज्य के प्रति उनके गहरे लगाव को दर्शाती है। पंत का उत्तराखंड से गहरा नाता है; उनका जन्म हरिद्वार जिले के रुड़की में हुआ था। एक वैश्विक आइकन होने के नाते, उनकी वापसी राज्य के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संदेश दे सकती है।
"ऋषभ पंत का अपने मूल स्थान पर लौटने का निर्णय न केवल व्यक्तिगत है, बल्कि यह उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच से जोड़ने का एक प्रयास है।"
पंत ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वे सरकार से कोई मुफ्त उपहार नहीं मांग रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, "यदि आप अनुमति दें तो मैं इसे सरकार से प्रचलित दरों पर खरीदना चाहता हूं। मैं कम से कम अपने गृह राज्य में अपना पहला घर बना सकूं।"
आयकर में भी रहे अव्वल
दिलचस्प बात यह है कि पंत केवल खेल के मैदान पर ही नहीं, बल्कि कर भुगतान के मामले में भी उत्तराखंड के दिग्गज हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, पंत उत्तराखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत आयकरदाता बनकर उभरे हैं, जिन्होंने कथित तौर पर 23.84 करोड़ रुपये का आयकर चुकाया है। यह पिछले वर्ष के 10.5 करोड़ रुपये के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. ऋषभ पंत उत्तराखंड में क्यों बसना चाहते हैं?
पंत अपनी जड़ों की ओर लौटना चाहते हैं और अपने गृह राज्य उत्तराखंड में अपना स्थायी घर बनाना चाहते हैं।
2. पंत ने मुख्यमंत्री से क्या मदद मांगी है?
उन्होंने जमीन अधिग्रहण की जटिल प्रक्रिया में सहायता मांगी है ताकि वे सरकारी दरों पर भूमि खरीद सकें।