प्रसिद्ध फुटबॉल कोच जोस मोरिन्हो ने खुलासा किया है कि उन्होंने 2013 में सर एलेक्स फर्गुसन की सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद मैनचेस्टर यूनाइटेड का प्रभार संभालने के लिए गुप्त रूप से हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, चेल्सी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के कारण उन्होंने इस अवसर को छोड़ दिया था।
मुख्य बिंदु
- मोरीन्हो ने 2013 में मैनचेस्टर यूनाइटेड के साथ गुप्त समझौता किया था।
- उन्होंने चेल्सी को दिए अपने वचन के कारण यूनाइटेड का पद नहीं संभाला।
- सर एलेक्स फर्गुसन ने पुष्टि की कि मोरिन्हो ने भावुक होकर इस फैसले की जानकारी दी थी।
फुटबॉल जगत के सबसे चर्चित कोचों में से एक, जोस मोरिन्हो ने हाल ही में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई अपनी डॉक्यूमेंट्री 'Mourinho' में एक ऐसा खुलासा किया है जिसने खेल प्रेमियों को चौंका दिया है। मोरिन्हो ने बताया कि 2013 में, जब महान सर एलेक्स फर्गुसन मैनचेस्टर यूनाइटेड को अलविदा कह रहे थे, तब मोरिन्हो पहले से ही उनके उत्तराधिकारी के रूप में क्लब के साथ जुड़ चुके थे।
मोरीन्हो, जो उस समय रियल मैड्रिड का नेतृत्व कर रहे थे, ने स्वीकार किया कि मैनचेस्टर यूनाइटेड का आकर्षण अतुलनीय है। उन्होंने कहा, "जब मैं कहता हूँ कि रियल मैड्रिड दुनिया का सबसे बड़ा क्लब है, तो मुझे यह भी कहना होगा कि मैनचेस्टर यूनाइटेड उसके बहुत करीब है।" हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि फुटबॉल के प्रति प्रेम से अधिक, किसी क्लब के प्रति लगाव और वहां मिलने वाला सम्मान अधिक महत्वपूर्ण होता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है (BozokMedia विश्लेषण)
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह खुलासा मैनचेस्टर यूनाइटेड के उस दौर की अस्थिरता को दर्शाता है जब वे फर्गुसन के बाद अपनी पहचान खो रहे थे। यदि मोरिन्हो 2013 में ही टीम की कमान संभाल लेते, तो शायद यूनाइटेड को उन वर्षों के संघर्ष और कई मैनेजरों के बदलाव से नहीं गुजरना पड़ता। यह घटना खेल जगत में 'वचन' और 'प्रोफेशनलिज्म' के बीच के द्वंद्व को भी उजागर करती है।
"खेल के इतिहास में बहुत कम ऐसे मौके आते हैं जहाँ एक कोच अपने करियर के सबसे बड़े अवसर को केवल एक वचन निभाने के लिए ठुकरा देता है।"
डॉक्यूमेंट्री में सर एलेक्स फर्गुसन ने भी इस घटना की पुष्टि की है। फर्गुसन ने बताया कि मोरिन्हो ने उन्हें फोन किया था और वे काफी भावुक थे। मोरिन्हो ने कहा था कि वे चेल्सी को दिए अपने शब्द को नहीं तोड़ सकते, जिसके कारण उन्हें यूनाइटेड का प्रस्ताव ठुकराना पड़ा। फर्गुसन ने स्वीकार किया कि हालांकि वे इस फैसले से निराश थे, लेकिन वे मोरिन्हो के सिद्धांतों का सम्मान करते थे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: मोरिन्हो ने मैनचेस्टर यूनाइटेड का प्रस्ताव क्यों ठुकराया?
उत्तर: उन्होंने चेल्सी फुटबॉल क्लब को वापस लौटने का वचन दिया था, और वे अपने शब्द के खिलाफ नहीं जाना चाहते थे।
प्रश्न 2: मोरिन्हो अंततः यूनाइटेड के मैनेजर कब बने?
उत्तर: वे बाद में 2016 से 2019 तक मैनचेस्टर यूनाइटेड के मैनेजर रहे।