17 साल बाद भारत लौट रही BWF विश्व चैंपियनशिप के लिए SAI और BAI ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम का कायाकल्प किया है। पिछले विवादों से सबक लेते हुए, आयोजकों ने पक्षियों और बंदरों को रोकने के लिए हाई-टेक इंतजाम किए हैं।
मुख्य बिंदु
- इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम का व्यापक नवीनीकरण और वॉटरप्रूफिंग पूरी हुई।
- पigeons और बंदरों को रोकने के लिए ऑटोमैटिक ग्लास डोर और साउंड फ्रीक्वेंसी मशीनों का उपयोग।
- BWF मानकों के अनुसार लाइटिंग सिस्टम को अपग्रेड किया गया है।
- चैंपियनशिप 17 अगस्त से 23 अगस्त तक आयोजित की जाएगी।
नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में 17 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद प्रतिष्ठित BWF विश्व चैंपियनशिप की वापसी हो रही है। इस आयोजन को त्रुटिहीन बनाने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और भारतीय बैडमिंटन संघ (BAI) ने पिछले छह महीनों से युद्ध स्तर पर काम किया है। यह कदम विशेष रूप से इस वर्ष इंडिया ओपन के दौरान बुनियादी ढांचे की कमी और स्टेडियम में कबूतरों व बंदरों के प्रवेश के कारण हुई भारी आलोचना के बाद उठाया गया है।
SAI के इंजीनियरिंग डिवीजन के कार्यकारी निदेशक अंबर प्रताप सिंह ने बताया कि संरचनात्मक क्षति को ठीक करने के लिए फरवरी से काम शुरू कर दिया गया था। पुरानी छत की वॉटरप्रूफिंग की गई है और बैठने की व्यवस्था में कई कुर्सियों को बदला गया है। हाल ही में हुई भारी बारिश ने अधिकारियों को समय रहते लीकेज की पहचान करने और उन्हें ठीक करने का मौका दिया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, भारत जैसे देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि बनाए रखना आवश्यक है। पिछले आयोजनों में वन्यजीवों का हस्तक्षेप एक अंतरराष्ट्रीय मजाक बन गया था। इस बार अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग यह दर्शाता है कि भारत अब वैश्विक खेल आयोजनों के प्रबंधन में 'शून्य त्रुटि' (Zero Error) नीति अपना रहा है।
विश्व स्तरीय टूर्नामेंट के लिए केवल कोर्ट का होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पर्यावरण नियंत्रण और बुनियादी ढांचे की स्थिरता ही खेल की गुणवत्ता तय करती है।
पक्षी और बंदरों के प्रवेश को रोकने के लिए तीन मुख्य भवनों में ऑटोमैटिक ग्लास डबल डोर लगाए गए हैं। इसके अलावा, गैर-विषाक्त जेल, रात में पक्षियों को भगाने के लिए साउंड फ्रीक्वेंसी मशीनें और यहाँ तक कि लंगूरों की नकल करने वाले कर्मियों की तैनाती भी की गई है। लाइटिंग सिस्टम को भी अपग्रेड किया गया है ताकि नए लकड़ी के कोर्ट पर कोई परछाई न बने, जिससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर असर न पड़े।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: विश्व चैंपियनशिप कब से कब तक आयोजित होगी?
उत्तर: यह प्रतियोगिता 17 अगस्त से 23 अगस्त तक चलेगी।
प्रश्न 2: स्टेडियम में पक्षियों को रोकने के लिए क्या उपाय किए गए हैं?
उत्तर: ऑटोमैटिक ग्लास डोर, नॉन-टॉक्सिक जेल और साउंड फ्रीक्वेंसी मशीनों का उपयोग किया गया है।