इंग्लिश प्रीमियर लीग अब ला लीगा द्वारा उपयोग की जा रही 'इन-बॉल चिप' तकनीक पर करीब से नजर रख रही है, ताकि ऑफसाइड और हैंडबॉल जैसे फैसलों में सटीकता लाई जा सके।

  • प्रीमियर लीग ला लीगा की 'कनेक्टेड बॉल' तकनीक का अध्ययन कर रही है।
  • ला लीगा दुनिया की पहली ऐसी घरेलू लीग है जिसने हर मैच में इस तकनीक को लागू किया है।
  • वर्तमान में प्रीमियर लीग ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग करती है।

फुटबॉल की दुनिया में तकनीक का दखल लगातार बढ़ रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, इंग्लिश प्रीमियर लीग (Premier League) अब उस उन्नत 'इन-बॉल चिप' तकनीक का विश्लेषण कर रही है, जिसे स्पेन की ला लीगा (La Liga) ने अपने मैचों में पूरी तरह से लागू कर दिया है। यह तकनीक गेंद के भीतर एक सेंसर का उपयोग करती है, जो ठीक उसी क्षण की पहचान करता है जब गेंद को छुआ जाता है।

ब्रिटिश समाचार पत्र 'द एथलेटिक' के अनुसार, प्रीमियर लीग के प्रतिनिधियों ने लंदन में फीफा महिला चैंपियंस कप और लीपज़िग में 2025 विंग्स कप के दौरान इस तकनीक की निगरानी की है। यह सिस्टम विशेष रूप से Puma गेंदों के साथ इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, अभी तक प्रीमियर लीग के किसी भी आधिकारिक मैच में इसका परीक्षण नहीं किया गया है।

ला लीगा ने इस दिशा में एक साहसिक कदम उठाते हुए इस सीजन के हर मैच में कनेक्टेड बॉल तकनीक का उपयोग शुरू किया है। यह सिस्टम जर्मन कंपनी Kinexon Sports द्वारा विकसित रेडियो फ्रीक्वेंसी सेंसर पर आधारित है, जो स्टेडियम में लगे 12 एंटेना के माध्यम से डेटा भेजता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि फुटबॉल में 'सटीकता' अब केवल एक विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन गई है। जहाँ प्रीमियर लीग वर्तमान में 30 कैमरों वाले ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम पर निर्भर है, वहीं इन-बॉल चिप तकनीक मानवीय त्रुटियों और कैमरा एंगल की सीमाओं को समाप्त कर सकती है। यह विवादित ऑफसाइड फैसलों को लगभग शून्य कर सकता है।

"इन-बॉल सेंसर तकनीक फुटबॉल के इतिहास में निर्णायक फैसलों के प्रति पारदर्शिता लाने वाला सबसे बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।"

ऐतिहासिक रूप से, एडिडास की गेंदों में यह तकनीक 2022 और 2026 के पुरुष विश्व कप और यूरो 2024 जैसे बड़े टूर्नामेंटों में देखी गई है। एक उदाहरण के तौर पर, इस साल के विश्व कप में क्रोएशिया का एक गोल इसी चिप तकनीक के कारण रद्द किया गया था, क्योंकि सेंसर ने सटीक रूप से पहचान लिया था कि गेंद ऑफसाइड स्थिति में जाने से पहले किस खिलाड़ी से टकराई थी।

विशेषता प्रीमियर लीग (वर्तमान) ला लीगा (नया सिस्टम)
तकनीक का आधार ऑप्टिकल ट्रैकिंग (कैमरे) इन-बॉल सेंसर (चिप)
डेटा स्रोत 30+ स्टेडियम कैमरे रेडियो फ्रीक्वेंसी एंटेना
मुख्य लाभ तेज विजुअल लाइन्स संपर्क का सटीक समय (Touch Point)
क्या आप जानते हैं?: कनेक्टेड बॉल तकनीक न केवल ऑफसाइड, बल्कि यह भी बता सकती है कि गेंद ने गोल लाइन को पूरी तरह पार किया है या नहीं, जिससे गोल-लाइन तकनीक और अधिक सटीक हो जाती है।

Frequently Asked Questions

1. क्या प्रीमियर लीग तुरंत इस तकनीक को अपनाएगी?
नहीं, वर्तमान में ऐसी कोई तत्काल योजना नहीं है क्योंकि उनका ऑप्टिकल सिस्टम प्रभावी है, लेकिन वे लगातार निगरानी कर रहे हैं।

2. यह तकनीक कैसे काम करती है?
गेंद के अंदर एक छोटा सेंसर होता है जो रेडियो तरंगों के जरिए स्टेडियम के एंटेना को डेटा भेजता है।