श्रीलंका को 90/5 पर ढेर करने के बाद, भारतीय टीम को सोनल दिनुशा और निरोशन डिकवेला की शानदार साझेदारी का सामना करना पड़ा। इस रिकवरी ने भारत के फॉलो-ऑन के सपने को तोड़ दिया है।
- श्रीलंका ने 90/5 के स्कोर से उबरकर पहली पारी में 484 रन बनाए।
- सोनल दिनुशा ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ा, जबकि निरोशन डिकवेला ने 80 रन बनाए।
- रविंद्र जडेजा और कुलदीप यादव जैसे दिग्गज स्पिनर भी बाएं हाथ के बल्लेबाजों के स्वीप शॉट्स के सामने बेबस नजर आए।
- खराब मौसम और धीमी पिच ने मैच का रुख मेजबान टीम की ओर मोड़ दिया है।
गले में खेले जा रहे इस टेस्ट मैच का तीसरा दिन भारतीय टीम के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। पहली पारी में 462 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद, भारत ने उम्मीद की थी कि वे मैच को जल्दी समाप्त कर लेंगे। मोहम्मद सिराज और मानव सुथार की घातक गेंदबाजी ने श्रीलंका को 27वें ओवर तक 90/5 के स्कोर पर ढेर कर दिया था।
एक समय ऐसा लग रहा था कि भारत आसानी से फॉलो-ऑन लागू करेगा और जीत दर्ज करेगा। लेकिन खेल तब पलट गया जब सोनल दिनुशा और निरोशन डिकवेला ने मोर्चा संभाला। इन दोनों के बीच 146 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिसने न केवल श्रीलंका को शर्मनाक हार से बचाया, बल्कि उन्हें 484 रनों के कुल स्कोर तक पहुँचाया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, भारत की टीम चयन रणनीति यहाँ विफल रही। टीम में तीन स्पिनर्स होने के बावजूद एक भी ऑफ-स्पिनर का न होना भारत पर भारी पड़ा। दिनुशा और डिकवेला जैसे बाएं हाथ के बल्लेबाजों को रोकने के लिए जिस एंगल की जरूरत थी, वह टीम के पास नहीं था। कुलदीप यादव को स्वीप शॉट्स ने पूरी तरह से लय से बाहर कर दिया, और उन्होंने 4.64 की महंगी इकोनॉमी से रन दिए।
"ऐसी पिच पर जहाँ बाएं हाथ के बल्लेबाज हावी हों, ऑफ-स्पिनर की अनुपस्थिति एक रणनीतिक चूक है जिसने भारत से मैच पर पकड़ छीन ली।"
निरोशन डिकवेला की वापसी को लेकर चयनकर्ताओं पर सवाल उठाए जा रहे थे, लेकिन उन्होंने मैदान पर अपने प्रदर्शन से आलोचकों को चुप करा दिया। उनके आक्रामक स्वीप शॉट्स ने भारतीय स्पिन आक्रमण की लय बिगाड़ दी। वहीं, दिनुशा ने धैर्य का परिचय दिया और सावधानी से बल्लेबाजी करते हुए अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया।
इस बीच, रविंद्र जडेजा ने एक व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल की और अपना 350वां टेस्ट विकेट लिया। हालांकि, जैसे-जैसे गेंद पुरानी हुई, पिच ने गेंदबाजों को कम मदद देना शुरू कर दिया। गले की यह पिच उम्मीद के मुताबिक टर्न नहीं कर रही थी, जिससे बल्लेबाजों को आसानी हुई।
| खिलाड़ी | भूमिका | मुख्य योगदान | प्रभाव |
|---|---|---|---|
| सोनल दिनुशा | ऑलराउंडर | 100 रन | पारी को संभाला |
| निरोशन डिकवेला | विकेटकीपर/बल्लेबाज | 80 रन | आक्रामक जवाबी हमला |
| रविंद्र जडेजा | स्पिनर | 350वां विकेट | दबाव बनाए रखा |
अगले दो दिनों में गरज के साथ बारिश की संभावना है, जो भारत के लिए चिंता का विषय है। अब भारत को अपनी दूसरी पारी में तेजी से रन बनाने होंगे और कम से कम 350 रनों की बढ़त लेनी होगी, ताकि वे श्रीलंका को दोबारा आउट कर जीत हासिल कर सकें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. श्रीलंका की ओर से पहली पारी में किन खिलाड़ियों ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया?
सोनल दिनुशा ने शानदार शतक (100) लगाया और निरोशन डिकवेला ने महत्वपूर्ण 80 रन बनाए।
2. भारतीय स्पिनर बीच के सत्र में क्यों संघर्ष कर रहे थे?
बाएं हाथ के बल्लेबाजों ने स्वीप शॉट का अत्यधिक उपयोग किया, जिससे स्पिनरों की लेंथ बिगड़ गई और पिच से पर्याप्त टर्न नहीं मिला।