फीफा के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) केविन लैमौर ने संस्था छोड़ दी है। यह कदम राष्ट्रपति जिआनी इन्फेंटिनो की विश्व कप व्यावसायिक अधिकारों को बेचने की विवादास्पद योजना की आलोचना करने के कुछ ही हफ्तों बाद उठाया गया है।

  • फीफा के सीओओ केविन लैमौर ने 17 अगस्त 2026 को पद छोड़ दिया।
  • लैमौर ने इन्फेंटिनो की विश्व कप के व्यावसायिक अधिकारों को बेचने की योजना की कड़ी आलोचना की थी।
  • इन्फेंटिनो की चौथी बार राष्ट्रपति बनने की दावेदारी अब गंभीर संकट में है।
  • UEFA, AFC और CONCACAF जैसे बड़े संघ इन्फेंटिनो के खिलाफ खड़े हैं।

अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (FIFA) के भीतर राजनीतिक उथल-पुथल तेज हो गई है। फीफा ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उनके मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) केविन लैमौर ने संस्था से अपना संबंध समाप्त कर लिया है। लैमौर का जाना फीफा के भीतर बढ़ते आंतरिक संघर्ष का संकेत है, विशेष रूप से राष्ट्रपति जिआनी इन्फेंटिनो की हालिया नीतियों के संदर्भ में।

लैमौर का जाना कोई संयोग नहीं है। पिछले महीने, उन्होंने इन्फेंटिनो की उस विवादास्पद योजना की सार्वजनिक रूप से निंदा की थी, जिसमें विश्व कप और अन्य प्रमुख टूर्नामेंटों के व्यावसायिक अधिकारों में हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव था। लैमौर ने आरोप लगाया था कि फीफा के कर्मचारियों को इस योजना के बारे में 'धोखा' दिया गया था और इसे 'एक व्यक्ति का प्रोजेक्ट' बताया था।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना केवल एक कार्यकारी के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह फीफा के शासन और पारदर्शिता पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। यदि शीर्ष नेतृत्व के भीतर ही विश्वास की कमी है, तो वैश्विक फुटबॉल का भविष्य अनिश्चित हो सकता है।

"हमारा मिशन फुटबॉल की सेवा करना है, न कि उस व्यक्ति के व्यक्तिगत हितों की जो यह मानता है कि वह स्वयं फीफा है।" - केविन लैमौर

इन्फेंटिनो की मुश्किलें केवल लैमौर के इस्तीफे तक ही सीमित नहीं हैं। उनकी चौथी बार राष्ट्रपति बनने की कोशिश को लेकर भी भारी विरोध हो रहा है। संस्थागत सुधारों के तहत राष्ट्रपति के लिए तीन कार्यकाल की सीमा तय है, लेकिन इन्फेंटिनो ने तर्क दिया है कि उनका पहला कार्यकाल (2016-2019) गिनती में नहीं आना चाहिए।

FairSquare नामक मानवाधिकार संगठन ने फीफा की ऑडिट समिति को पत्र लिखकर इन्फेंटिनो को अगले चुनाव के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि नियमों को दरकिनार करना एक खतरनाक मिसाल कायम करेगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

जिआनी इन्फेंटिनो 2016 में सेप ब्लैटर के भ्रष्टाचार कांड के बाद फीफा के अध्यक्ष बने थे। उन्होंने 2019 और 2023 में निर्विरोध चुनाव जीतकर अपनी शक्ति मजबूत की थी, लेकिन अब उनके नेतृत्व को वैश्विक स्तर पर चुनौती मिल रही है।

Did You Know?: फीफा के नियमों के अनुसार, कोई भी अध्यक्ष अधिकतम तीन कार्यकाल तक ही पद पर रह सकता है, लेकिन इन्फेंटिनो इस नियम को बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: केविन लैमौर ने इस्तीफा क्यों दिया?
उत्तर: लैमौर ने इन्फेंटिनो की विश्व कप के व्यावसायिक अधिकारों को निजी इक्विटी निवेशकों को बेचने की योजना की आलोचना की थी।

प्रश्न 2: इन्फेंटिनो को किन संघों का विरोध झेलना पड़ रहा है?
उत्तर: UEFA (यूरोप), AFC (एशिया), और CONCACAF (उत्तरी/मध्य अमेरिका) उनके खिलाफ हैं।