युवा मामले और खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा की है, जिसमें 17 खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। हालांकि, इस वर्ष मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए किसी भी खिलाड़ी का नाम नहीं चुना गया।
- दिव्या देशमुख और गायत्री गोपीचंद सहित 17 एथलीटों को अर्जुन पुरस्कार मिला।
- 2025 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए किसी भी खिलाड़ी का चयन नहीं किया गया।
- आई अरुमैनायगम को 'लाइफटाइम अचीवमेंट' के लिए अर्जुन पुरस्कार दिया गया।
- आर्मी पैरालंपिक नोड, पुणे को राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
युवा मामले और खेल मंत्रालय ने मंगलवार को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा की, जिसमें विभिन्न खेल विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 17 खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया। यह पुरस्कार पिछले चार वर्षों में खेल के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है।
सूची में सबसे प्रमुख नाम वर्ल्ड कप विजेता शतरंज खिलाड़ी दिव्या देशमुख का है, जिन्होंने पहली भारतीय महिला चैंपियन और ग्रैंडमास्टर बनकर इतिहास रचा है। बैडमिंटन से गायत्री गोपीचंद और उनकी महिला युगल साथी ट्रीसा जॉली को यह सम्मान मिला है। इसके अलावा, ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के रजत पदक विजेता मुक्केबाज नरेंद्र, ग्रैंडमास्टर विदित गुजराथी, डेकाथलीट तेजस्विन शंकर और मूक राइफल शूटर धनुष श्रीकांत को भी सम्मानित किया गया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि धनुष श्रीकांत और दिव्या देशमुख जैसे एथलीटों का चयन भारतीय खेलों के बदलते परिदृश्य को दर्शाता है, जहाँ पैरा-स्पोर्ट्स और शतरंज जैसे बौद्धिक खेलों को अब पारंपरिक खेलों के बराबर महत्व मिल रहा है। हालांकि, खेल रत्न पुरस्कार का न दिया जाना यह संकेत देता है कि जस्टिस (रिटायर्ड) अरुण कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों के साथ कोई समझौता नहीं किया है।
इस वर्ष खेल रत्न पुरस्कार का न होना यह दर्शाता है कि भारत अपने सर्वोच्च खेल सम्मानों में मात्रा के बजाय गुणवत्ता को प्राथमिकता दे रहा है।
खिलाड़ियों के अलावा, सरकार ने उन प्रशिक्षकों को भी सम्मानित किया जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर प्रतिभाओं को तराशा। द्रोणाचार्य पुरस्कार एथलेटिक्स के परवीर सिंह, बॉक्सिंग के छोटे लाल यादव और शूटिंग की नेहा नंदकुमार चव्हाण को प्रदान किया गया।
खेल विकास को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं के लिए 'राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2025' आर्मी पैरालंपिक नोड, पुणे को दिया गया। यह पुरस्कार उन कॉर्पोरेट संस्थाओं या एनजीओ को दिया जाता है जिन्होंने खेलों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
अर्जुन पुरस्कार की शुरुआत 1961 में हुई थी और यह भारत के सबसे सम्मानित खेल पुरस्कारों में से एक है। जबकि खेल रत्न सर्वोच्च सम्मान है, अर्जुन पुरस्कार निरंतर उत्कृष्टता का मानक माना जाता है। 2025 की सूची वैश्विक स्तर पर शतरंज और बैडमिंटन में भारत के बढ़ते दबदबे को स्पष्ट करती है।
| पुरस्कार श्रेणी | प्राप्तकर्ता | महत्व |
|---|---|---|
| अर्जुन पुरस्कार | दिव्या देशमुख, गायत्री गोपीचंद, नरेंद्र, आदि | खेलों में निरंतर उत्कृष्टता |
| द्रोणाचार्य पुरस्कार | परवीर सिंह, छोटे लाल यादव, नेहा चव्हाण | उत्कृष्ट कोचिंग |
| लाइफटाइम अचीवमेंट | आई अरुमैनायगम | खेलों में दीर्घकालिक योगदान |
| राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन | आर्मी पैरालंपिक नोड, पुणे | खेल प्रोत्साहन और विकास |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2025 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किसे मिला?
इस वर्ष मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए किसी भी खिलाड़ी का नाम घोषित नहीं किया गया है।
चयन समिति के अध्यक्ष कौन हैं?
चयन समिति की अध्यक्षता भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस (रिटायर्ड) अरुण कुमार मिश्रा ने की।