राष्ट्रमंडल खेलों में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने वाले भारतीय एथलीट तेजस्विन शंकर अब एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक और एक लंबे करियर का लक्ष्य बना रहे हैं।

  • तेजस्विन शंकर राष्ट्रमंडल खेलों में डेकाथलॉन में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने।
  • उनका अगला बड़ा लक्ष्य एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है।
  • वे 2036 ओलंपिक तक अपने खेल करियर को लंबा खींचने की योजना बना रहे हैं।

भारतीय एथलेटिक्स में एक नया सितारा उभर रहा है। 27 वर्षीय तेजस्विन शंकर ने राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) में अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज कराते हुए न केवल इतिहास रचा, बल्कि अब उनकी नजरें और भी बड़े लक्ष्यों पर टिकी हैं। ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में डेकाथलॉन स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर, वे इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।

शंकार की यात्रा प्रेरणादायक रही है। इससे पहले, उन्होंने बर्मिंघम 2022 में हाई जंप में कांस्य जीतकर एक और कीर्तिमान स्थापित किया था। अब, डेकाथलॉन में उनकी सफलता ने उन्हें एक बहुआयामी एथलीट के रूप में स्थापित कर दिया है। एशियाई खेलों में केवल छह सप्ताह शेष होने के साथ, शंकर का पूरा ध्यान अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने पर है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तेजस्विन शंकर की प्रगति भारतीय ट्रैक एंड फील्ड के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। डेकाथलॉन जैसी जटिल स्पर्धा में सफलता मिलना यह दर्शाता है कि भारतीय एथलीट अब केवल एकल स्पर्धाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बहु-इवेंट एथलीट के रूप में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हो रहे हैं।

"मेरा लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं है, बल्कि खेल में निरंतरता बनाए रखना और लंबे समय तक फिट रहना है। यदि मैं ऐसा कर पाता हूँ, तो पदक अपने आप पीछे आएंगे।"

शंकार ने अपनी प्रगति के बारे में बताते हुए कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में उनके अंकों में 150-200 अंकों की वृद्धि हुई है। हालांकि, वे जानते हैं कि एशियाई खेलों में प्रतिस्पर्धा कड़ी होगी, क्योंकि कई एथलीटों ने पहले ही 8,000 अंकों का आंकड़ा पार कर लिया है। उनका लक्ष्य एशियाई खेलों में अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (Personal Best) प्रदर्शन करना और स्वर्ण पदक के मंच तक पहुँचना है।

ग्लासगो में एक घुटने की चोट के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और डेकाथलॉन में पदक जीता। अब वे अपनी चोट को 'बुलेटप्रूफ' बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि एशियाई खेलों में कोई बाधा न आए। यद्यपि उनका मुख्य ध्यान डेकाथलॉन पर है, लेकिन वे हाई जंप में राष्ट्रीय रिकॉर्ड को फिर से हासिल करने की इच्छा भी रखते हैं।

ऐतिहासिक संदर्भ

डेकाथलॉन एक अत्यंत कठिन स्पर्धा है जिसमें दस अलग-अलग ट्रैक और फील्ड इवेंट्स शामिल होते हैं। इसमें जीत के लिए सहनशक्ति, शक्ति और तकनीकी कौशल का एक दुर्लभ संयोजन आवश्यक होता है। भारतीय एथलीटों के लिए इस स्तर पर पदक जीतना एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

Did You Know?: डेकाथलॉन में एथलीटों को दो दिनों में दस अलग-अलग स्पर्धाओं में भाग लेना पड़ता है, जिसमें दौड़, कूद और फेंकना शामिल है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: तेजस्विन शंकर ने कौन सा ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है?
उत्तर: वे राष्ट्रमंडल खेलों की डेकाथलॉन स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने हैं।

प्रश्न 2: उनका अगला बड़ा लक्ष्य क्या है?
उत्तर: उनका अगला लक्ष्य एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना और एक लंबा एथलेटिक करियर बनाना है।