FMSCI अध्यक्ष अरिंदम घोष ने स्पष्ट किया है कि भारत में फॉर्मूला वन 2029 से पहले नहीं आ सकता, लेकिन वे देश में वर्ल्ड रैली चैंपियनशिप (WRC) लाने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं।

  • भारत में फॉर्मूला वन (F1) के 2029 से पहले आने की संभावना नहीं है।
  • FMSCI का मुख्य ध्यान अब वर्ल्ड रैली चैंपियनशिप (WRC) को भारत लाने पर है।
  • WRC के लिए बड़े बुनियादी ढांचे के बजाय सड़क स्वच्छता और प्रशासनिक समर्थन की आवश्यकता है।
  • चेन्नई टर्बो राइडर्स-JK टायर FMSCI नेशनल कार रेसिंग चैंपियनशिप 2026 का शुभारंभ हुआ।

भारतीय मोटरस्पोर्ट जगत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। FMSCI के अध्यक्ष अरिंदम घोष ने हाल ही में संकेत दिया है कि हालांकि भारत में फॉर्मूला वन (F1) की वापसी एक लंबी प्रक्रिया है, लेकिन देश में वैश्विक स्तर की रेसिंग को लेकर उत्साह कम नहीं हुआ है। घोष के अनुसार, F1 के भारत आने की संभावना 2029 से पहले नहीं है, लेकिन वे देश में वर्ल्ड रैली चैंपियनशिप (WRC) को लाने के लिए कड़े प्रयास कर रहे हैं।

चेन्नई में आयोजित 'चेन्नई टर्बो राइडर्स-JK टायर FMSCI इंडियन नेशनल कार रेसिंग चैंपियनशिप 2026' के लॉन्च के दौरान अरिंदम घोष ने कहा, "F1 2029 से पहले नहीं होगा, लेकिन मैं उससे पहले WRC के लिए प्रयास कर रहा हूं। इसके लिए हमें बहुत बड़े बुनियादी ढांचे की आवश्यकता नहीं है; हमें बस सड़कों के प्रबंधन और सरकारी प्रशासनिक समर्थन की जरूरत है।" उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पारंपरिक ट्रैक के बजाय भारत में एक 'स्ट्रीट सर्किट' (सड़क मार्ग रेसिंग) आयोजित करना अधिक व्यावहारिक हो सकता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में मोटरस्पोर्ट का भविष्य केवल महंगे F1 ट्रैक तक सीमित नहीं है। WRC जैसे आयोजनों के लिए कम लागत वाले और अधिक सुलभ मॉडल की आवश्यकता है, जो देश के विभिन्न हिस्सों में पर्यटन और खेल संस्कृति को बढ़ावा दे सकते हैं। स्ट्रीट सर्किट का विचार भारत की शहरी बुनियादी संरचना के साथ रेसिंग को जोड़ने का एक क्रांतिकारी कदम हो सकता है।

भारत में मोटरस्पोर्ट को वैश्विक स्तर पर देखा जा रहा है, और यह देश वैश्विक खेल मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

इस कार्यक्रम के दौरान तमिलनाडु सरकार के मत्स्य पालन एवं मछुआरा कल्याण मंत्री ए. श्रीनाथ ने भी मोटरस्पोर्ट के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने JK टायर और CTR जैसे भागीदारों की सराहना की, जो सड़क सुरक्षा जागरूकता और रेसिंग के बीच संतुलन बना रहे हैं। FIA वर्ल्ड मोटरस्पोर्ट काउंसिल के सदस्य अकबर इब्राहिम ने भी पुष्टि की कि FIA भारतीय मोटरस्पोर्ट की गतिविधियों पर बारीकी से नज़र रख रहा है।

नेशनल चैंपियनशिप का शेड्यूल

इस साल की चार चरणों वाली नेशनल चैंपियनशिप का कार्यक्रम इस प्रकार है:

चरणस्थानतारीख
राउंड 1 और 2कारी मोटर स्पीडवे, कोयंबटूर11-13 सितंबर और 23-25 अक्टूबर
राउंड 3ब्रेन रेसवे, बेंगलुरु13-15 नवंबर
फाइनल राउंडमद्रास इंटरनेशनल सर्किट11-13 दिसंबर

इस चैंपियनशिप में सात प्रमुख श्रेणियां शामिल हैं, जिनमें इंडियन सुपर टूरिंग कार्स, सुपर स्टॉक और फॉर्मूला LGB F4 जैसे रोमांचक वर्ग शामिल हैं, जो भारत में रेसिंग प्रतिभाओं को निखारने का काम करेंगे।

Did You Know?: क्या आप जानते हैं कि रैली रेसिंग के लिए एक समर्पित ट्रैक के बजाय सार्वजनिक सड़कों को विशेष रूप से तैयार करके 'स्ट्रीट सर्किट' बनाया जा सकता है?

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: भारत में F1 कब तक आने की उम्मीद है?
उत्तर: FMSCI के अनुसार, 2029 से पहले भारत में F1 के आयोजन की संभावना कम है।

प्रश्न 2: WRC के लिए भारत में क्या सुधार चाहिए?
उत्तर: WRC के लिए भारी बुनियादी ढांचे के बजाय सड़कों के रखरखाव और सरकारी सहयोग की आवश्यकता है।