इंडियन सुपर लीग (ISL) के 2026/27 सीजन में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे, जिसमें क्लबों की संख्या घटकर 13 रह गई है। डायमंड हार्बर FC को बाहर किए जाने के साथ ही लीग अब नए डबल राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेली जाएगी।

  • 2026/27 ISL सीजन में अब केवल 13 क्लब हिस्सा लेंगे।
  • डायमंड हार्बर FC को भागीदारी शुल्क जमा न करने के कारण बाहर कर दिया गया है।
  • लीग अब 'डबल राउंड-रॉबिन' फॉर्मेट में खेली जाएगी, जिससे प्लेऑफ़ की संभावना कम हो गई है।

भारतीय फुटबॉल के प्रशंसकों के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) ने पुष्टि की है कि आगामी 2026/27 इंडियन सुपर लीग (ISL) सीजन में पिछले साल की तुलना में एक क्लब कम होगा। जहाँ पिछले सीजन में 14 क्लबों ने शिरकत की थी, वहीं आगामी सीजन में केवल 13 क्लब ही मैदान पर उतरेंगे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पश्चिम बंगाल स्थित डायमंड हार्बर FC को इस सूची से बाहर कर दिया गया है। हालांकि AIFF ने आधिकारिक बयान में क्लब का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया, लेकिन सूत्रों का कहना है कि क्लब ने भागीदारी शुल्क की दूसरी किस्त जमा करने की समय सीमा चूक दी थी। गौरतलब है कि डायमंड हार्बर ने पिछले सीजन में शानदार प्रदर्शन करते हुए इंडियन फुटबॉल लीग (IFL) जीतकर पदोन्नति हासिल की थी।

लीग फॉर्मेट में क्रांतिकारी बदलाव

केवल क्लबों की संख्या ही नहीं, बल्कि लीग के खेलने के तरीके में भी बड़ा बदलाव किया गया है। AIFF के अनुसार, नया सीजन 'डबल राउंड-रॉबिन' फॉर्मेट में खेला जाएगा। इसका मतलब है कि प्रत्येक टीम अन्य सभी टीमों के साथ घर और बाहर (Home and Away) दोनों मैदानों पर दो बार भिड़ेगी।

इस नए बदलाव का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव यह होगा कि लीग के अंत में होने वाला 'नॉकआउट स्टेज' (ISL कप के लिए) समाप्त हो सकता है। अब ISL शील्ड सीधे लीग तालिका में शीर्ष पर रहने वाली टीम को दी जा सकती है।

लीग फॉर्मेट में यह बदलाव खेल की निरंतरता को तो बढ़ाएगा, लेकिन नॉकआउट मैचों का रोमांच कम कर सकता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि डायमंड हार्बर FC का बाहर होना केवल एक वित्तीय मुद्दा नहीं है, बल्कि यह क्लब के राजनीतिक और प्रशासनिक भविष्य से भी जुड़ा है। क्लब के मुख्य संरक्षक तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी हैं, और आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के मद्देनजर क्लब की स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।

डायमंड हार्बर का सफर बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने ड्यूरंड कप के सेमीफाइनल में ईस्ट बंगाल जैसे दिग्गज को हराकर सबको चौंका दिया था। उनके इस अचानक बाहर होने से लीग की प्रतिस्पर्धात्मकता और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर भी सवाल उठ रहे हैं।

Did You Know?: डायमंड हार्बर FC ने पिछले सीजन में IFL जीतकर अपना सपना पूरा किया था, जो भारतीय फुटबॉल में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

Frequently Asked Questions

1. डायमंड हार्बर FC को बाहर क्यों किया गया?
क्लब ने AIFF द्वारा निर्धारित भागीदारी शुल्क की दूसरी किस्त समय पर जमा नहीं की थी।

2. नया ISL फॉर्मेट क्या है?
नया सीजन डबल राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेला जाएगा, जहाँ टीमें होम और अवे मैचों के आधार पर अंक जुटाएंगी।