प्रीमियर लीग ने सेट-पीस के दौरान खिलाड़ियों के बीच होने वाली धक्का-मुक्की और पकड़ने की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। रेफरी अब 'नॉन-फुटबॉलिंग' एक्शन पर कड़ी कार्रवाई करेंगे।
- रेफरी अब कॉर्नर और सेट-पीस के दौरान खिलाड़ियों की पकड़ और धक्का-मुक्की पर अधिक सख्त होंगे।
- 'नॉन-फुटबॉलिंग' कार्यों, जैसे गेंद की परवाह किए बिना प्रतिद्वंद्वी को पकड़ना, को अब दंडित किया जाएगा।
- प्रीमियर लीग के रेफरी प्रमुख हावर्ड वेब ने कहा कि लक्ष्य खिलाड़ियों के व्यवहार में बदलाव लाना है।
इंग्लिश प्रीमियर लीग के पिछले सीजन में पेनल्टी एरिया के भीतर खिलाड़ियों के बीच होने वाली खींचतान, धक्का-मुक्की और पकड़ने की घटनाएं एक बड़ी समस्या बन गई थीं। पूर्व एवर्टन बॉस डेविड मोयेस ने भी इस पर चिंता व्यक्त की थी कि रेफरी इन स्थितियों में हस्तक्षेप करने से बचते हैं। अब, लीग प्रशासन ने इस 'महामारी' को खत्म करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
नए दिशा-निर्देशों के तहत, हालांकि फुटबॉल के नियमों में कोई बुनियादी बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन खिलाड़ियों के व्यवहार पर ध्यान केंद्रित करने का तरीका बदल गया है। रेफरी अब उन 'पकड़ने वाली क्रियाओं' (holding actions) पर विशेष ध्यान देंगे जिनका खेल के प्रवाह पर स्पष्ट प्रभाव पड़ता है। विशेष रूप से उन खिलाड़ियों को निशाना बनाया जाएगा जो गेंद खेलने की कोशिश करने के बजाय केवल प्रतिद्वंद्वी को रोकने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सेट-पीस के दौरान होने वाली ये गैर-फुटबॉलिंग घटनाएं न केवल खेल की गरिमा को प्रभावित करती हैं, बल्कि अक्सर गलत पेनल्टी या गोल के निर्णय का कारण बनती हैं। VAR के पिछले सीजन के आंकड़ों के अनुसार, कई बार ऐसे मामलों में पेनल्टी नहीं दी गई जहाँ खिलाड़ी को गेंद से दूर खींच लिया गया था।
"हम अधिकारियों को इस बात के लिए आत्मविश्वास दे रहे हैं कि वे जो देखते हैं, उसे दंडित करें। कम चेतावनी, अधिक कार्रवाई।" - हावर्ड वेब, रेफरी प्रमुख।
नए नियमों के अंतर्गत निम्नलिखित कार्यों को दंडित किया जा सकता है:
- गेंद की ओर देखने के बजाय केवल प्रतिद्वंद्वी पर ध्यान केंद्रित करना।
- गेंद को खेलने या चुनौती देने का कोई प्रयास न करना।
- दोनों हाथों से प्रतिद्वंद्वी को पकड़ना।
- प्रतिद्वंद्वी के कपड़ों को पकड़ना या लगातार खींचना।
रेफरी प्रमुख हावर्ड वेब ने स्पष्ट किया कि हालांकि वे सख्त होंगे, लेकिन वे खेल के संपर्क (contact) को पूरी तरह खत्म नहीं करना चाहते। यदि एक गोलकीपर को खेल के दौरान मामूली धक्का लगता है, तो उसे पेनल्टी नहीं दी जाएगी, लेकिन यदि उसके हाथ की गति को रोका जाता है, तो कार्रवाई निश्चित है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या नियमों में कोई बदलाव हुआ है?
नहीं, खेल के बुनियादी नियम वही हैं, लेकिन खिलाड़ियों के व्यवहार (जैसे पकड़ना या खींचना) को लेकर रेफरी के दृष्टिकोण को सख्त बनाया गया है।
प्रश्न 2: क्या इससे गोल रद्द होने की संभावना बढ़ जाएगी?
नियमों का उद्देश्य खेल को स्वच्छ बनाना है, जिससे अनुचित तरीके से किए गए फाउल को पकड़ा जा सके और खेल की निष्पक्षता बनी रहे।