ताइवान के दिग्गज शटलर चो टिएन चेन ने 21 वर्षीय इंडोनेशियाई खिलाड़ी अलवी फरहान को हराकर विश्व चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। 36 वर्ष की आयु में, चो अब विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं।
- 36 वर्षीय चो टिएन चेन ने इंडोनेशिया के अलवी फरहान को सीधे गेमों में 21-15, 21-15 से हराया।
- चो अब विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं।
- वह अब लीन डैन के 30 वर्ष की आयु में विश्व चैंपियन बनने के रिकॉर्ड को तोड़ने की दहलीज पर हैं।
बैडमिंटन की दुनिया में अक्सर कहा जाता है कि 'उम्र केवल एक संख्या है', और ताइवान के चो टिएन चेन ने शुक्रवार को इस कहावत को सच कर दिखाया। नई दिल्ली में आयोजित बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में, 36 वर्षीय दिग्गज ने इंडोनेशिया के उभरते हुए सितारे 21 वर्षीय अलवी फरहान को सीधे गेमों में 21-15, 21-15 से पराजित कर इतिहास रच दिया।
इस जीत के साथ ही, चो टिएन चेन विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले सबसे उम्रदराज पुरुष एकल खिलाड़ी बन गए हैं। यह उनका दूसरा विश्व चैंपियनशिप पदक है, इससे पहले उन्होंने 2022 में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने इंडोनेशिया के हेन्ड्र **हेन्द्रा सेतियावन** के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है, जिन्होंने 2022 में पुरुष युगल में रजत पदक जीता था।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि चो की यह उपलब्धि खेल विज्ञान और मानसिक दृढ़ता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। आधुनिक बैडमिंटन, जो अत्यधिक गति और सहनशक्ति पर निर्भर है, में 36 वर्ष की आयु में इस स्तर पर प्रदर्शन करना असाधारण है। चो न केवल शारीरिक रूप से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, बल्कि वे खेल के दिग्गजों के रिकॉर्ड को भी चुनौती दे रहे हैं।
चो का रहस्य उनकी अटूट आस्था और फोकस है; वे जानते हैं कि कब अपनी गति को नियंत्रित करना है और कब विपक्षी को थकाना है।
मैच के दौरान, चो ने अपनी परिपक्वता का परिचय देते हुए अलवी फरहान की गति को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया। चो ने कहा, "अलवी एक अच्छे खिलाड़ी हैं और मैं यह सुनिश्चित करना चाहता था कि मैं उन्हें अपनी गति का उपयोग करने का मौका न दूँ।" उनकी फिजियो, विक्टोरिया काओ ने भी उनकी सफलता का श्रेय उनके अत्यधिक ध्यान केंद्रित रहने की क्षमता को दिया है।
ऐतिहासिक संदर्भ
बैडमिंटन इतिहास में, लीन डैन जैसे महान खिलाड़ियों ने कम उम्र में विश्व चैंपियनशिप जीती थी। लीन डैन ने 2013 में 30 वर्ष की आयु में खिताब जीता था। यदि चो टिएन चेन सेमीफाइनल जीतकर स्वर्ण पदक जीतते हैं, तो वह एकल श्रेणी में सबसे उम्रदराज विश्व चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त करेंगे।
सेमीफाइनल का समीकरण
चो की जीत के साथ सेमीफाइनल की रूपरेखा स्पष्ट हो गई है। चो का सामना कल जापान के कोदाई नाराओका से होगा, जबकि कनाडा के विक्टर लॉई का मुकाबला फ्रांस के एलेक्स लैनियर से होगा। दिलचस्प बात यह है कि वर्तमान में मौजूद कोई भी खिलाड़ी पहले विश्व चैंपियन नहीं रहा है, जिसका अर्थ है कि दुनिया एक नए चैंपियन का उदय देख सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: चो टिएन चेन ने कौन सा रिकॉर्ड तोड़ा है?
उत्तर: उन्होंने हेन्द्रा सेतियावन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड बनाया है।
प्रश्न 2: चो का अगला मुकाबला किसके साथ है?
उत्तर: चो का अगला मुकाबला सेमीफाइनल में जापान के कोदाई नाराओका से होगा।