जिबूती फुटबॉल फेडरेशन पर फीफा और सऊदी अरब से प्राप्त धन के दुरुपयोग और पक्षपात के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय क्लबों ने नेतृत्व परिवर्तन की मांग करते हुए बहिष्कार की चेतावनी दी है।

  • जिबूती फुटबॉल फेडरेशन पर फीफा के $1 मिलियन वार्षिक फंड के दुरुपयोग का आरोप।
  • सरकारी ऑडिट में पक्षपात और अनुचित बिडिंग प्रक्रियाओं का खुलासा।
  • स्थानीय क्लबों ने नेतृत्व परिवर्तन न होने पर लीग बहिष्कार की धमकी दी है।
  • सऊदी अरब द्वारा मुख्यालय निर्माण के लिए दिए गए फंड पर भी सवाल।

अफ्रीका के हॉर्न (Horn of Africa) में स्थित छोटा सा देश जिबूती इस समय फुटबॉल भ्रष्टाचार के एक बड़े विवाद में फंस गया है। एक सरकारी ऑडिट रिपोर्ट ने जिबूती फुटबॉल फेडरेशन पर फीफा (FIFA) से प्राप्त धन के दुरुपयोग, पक्षपात और अपर्याप्त प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया का आरोप लगाया है। यह मामला तब सामने आया है जब स्थानीय फुटबॉल समुदाय में भारी रोष व्याप्त है।

रिपोर्ट के अनुसार, फेडरेशन को फीफा (FIFA) और कॉन्फेडरेशन ऑफ अफ्रीकन फुटबॉल (CAF) द्वारा प्रति वर्ष 1 मिलियन डॉलर से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, जिबूती में एक नए मुख्यालय के निर्माण के लिए सऊदी अरब द्वारा दिए गए फंड के प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। सरकारी निरीक्षक की 2024 की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि मुख्यालय के अनुबंधों में भारी पक्षपात किया गया और कई मदों के लिए अत्यधिक कीमतें वसूली गईं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के भ्रष्टाचार के मामले न केवल खेल के विकास को रोकते हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के भरोसे को भी तोड़ते हैं। केप वर्डे जैसे छोटे अफ्रीकी देशों की सफलता, जो सही प्रबंधन के साथ विश्व कप के नॉकआउट चरण तक पहुंच गए, जिबूती के लिए एक बेंचमार्क है। यदि जिबूती अपनी संरचनात्मक समस्याओं को हल नहीं करता है, तो वह वैश्विक फुटबॉल मानचित्र पर पिछड़ जाएगा।

फुटबॉल के विकास के लिए वित्तीय पारदर्शिता अनिवार्य है; बिना जवाबदेही के मिली सहायता केवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है।

विवाद के बीच, फेडरेशन के कार्यकारी समिति के सदस्य मोहम्मद एल्मी फराह ने 12 अगस्त को प्रबंधन और संसाधनों के उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए इस्तीफा दे दिया। वहीं, फेडरेशन के लंबे समय से कार्यरत प्रमुख सूलेमान हसन वाबेरी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि फीफा ने उन्हें किसी भी प्रकार की अनियमितता न होने की पुष्टि की है। वाबेरी ने स्वीकार किया कि कुछ कार्यों में 'प्रतिस्पर्धी बोली' की कमी थी, लेकिन इसका कारण स्थानीय स्तर पर वस्तुओं की सीमित उपलब्धता को बताया।

जिबूती की वर्तमान स्थिति को देखते हुए, जहां ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक में यह देश 182 देशों में 124वें स्थान पर है, खेल के भीतर इस तरह के आरोप और भी चिंताजनक हो जाते हैं। स्थानीय क्लब प्रबंधकों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक नेतृत्व में बदलाव नहीं होता, वे इस वर्ष की लीग का बहिष्कार करेंगे।

Did You Know?: केप वर्डे, जो जिबूती की तरह ही एक छोटा अफ्रीकी राष्ट्र है, ने बेहतरीन संगठनात्मक कौशल के साथ 2026 फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचने का सपना साकार किया है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: जिबूती फुटबॉल फेडरेशन को सालाना कितना फंड मिलता है?
उत्तर: फेडरेशन को फीफा और CAF से सालाना 1 मिलियन डॉलर से अधिक का फंड मिलता है।

प्रश्न 2: स्थानीय क्लबों की मुख्य मांग क्या है?
उत्तर: स्थानीय क्लबों की मांग है कि फेडरेशन के मौजूदा नेतृत्व को बदला जाए ताकि फंड का सही उपयोग हो सके।