बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप 2026 में भारत के स्टार पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रेंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को चीन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भारत का पुरुष डबल्स का सफर समाप्त हो गया है।
- सात्विक-चिराग चीन के लियांग वेइकेंग और वांग चांग से सीधे गेमों में हारे।
- भारतीय जोड़ी पहले गेम में 18-16 की बढ़त पर थी, लेकिन निर्णायक मोड़ पर चूक गई।
- वृषा जोली और गायत्री गोपीचंद अब भारत की एकमात्र उम्मीद बची हैं।
- भारत का विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने का सिलसिला 2011 से जारी है।
बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप 2026 में भारतीय पुरुष डबल्स के प्रशंसकों के लिए शुक्रवार का दिन निराशाजनक रहा। भारत की दिग्गज जोड़ी सात्विकसाईराज रेंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को क्वार्टर फाइनल में चीन के विश्व नंबर 3 खिलाड़ियों, लियांग वेइकेंग और वांग चांग के हाथों दो सीधे गेमों (21-18, 21-9) में हार का सामना करना पड़ा। इस पराजय के साथ ही टूर्नामेंट में भारत का पुरुष डबल्स अभियान पूरी तरह समाप्त हो गया है।
मैच की शुरुआत भारतीय जोड़ी के पक्ष में रही। पहले गेम में सात्विक और चिराग ने शानदार खेल दिखाया और 18-16 की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली थी। हालांकि, मैच का रुख तब बदल गया जब 18-18 के स्कोर पर भारतीय जोड़ी ने लगातार तीन गलतियां कीं, जिससे चीनी जोड़ी ने पहला गेम 21-18 से अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास डगमगाता दिखा और चीन ने उन्हें 21-9 के भारी अंतर से हराकर जीत दर्ज की।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सात्विक-चिराग की यह हार केवल एक मैच की हार नहीं है, बल्कि यह शीर्ष स्तरीय अंतरराष्ट्रीय दबाव में मानसिक मजबूती की आवश्यकता को दर्शाती है। भारतीय बैडमिंटन के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है क्योंकि वे वैश्विक रैंकिंग में शीर्ष पर बने रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
"वे हर जगह थे। हम जहाँ भी शॉट मार रहे थे, वे उसे काउंटर कर रहे थे," हार के बाद निराश सात्विक ने कहा।
चीन की जोड़ी ने अपने खेल में जबरदस्त निरंतरता दिखाई। उन्होंने फ्लैट एक्सचेंज और खाली जगहों पर सटीक ड्रॉप शॉट्स के जरिए भारतीय जोड़ी को पूरी तरह से निरुत्तर कर दिया। चिराग शेट्टी ने स्वीकार किया कि दूसरे गेम में चीनी खिलाड़ियों ने रक्षात्मक खेल को आक्रामक हमले में बदलने की अद्भुत क्षमता दिखाई।
दूसरी ओर, भारतीय महिला डबल्स में उम्मीद की किरण बनी हुई है। वृषा जोली और गायत्री गोपीचंद ने चीन की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी को हराकर भारत के लिए पदक की संभावनाओं को जीवित रखा है। भारत का विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने का गौरवशाली क्रम 2011 में अश्विनी पोन्नाप्पा और ज्वाला गट्टा द्वारा जीता गया कांस्य पदक के बाद से लगातार बना हुआ है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: सात्विक-चिराग को किस देश की टीम से हार मिली?
उत्तर: उन्हें चीन की विश्व नंबर 3 जोड़ी लियांग वेइकेंग और वांग चांग से हार मिली।
प्रश्न 2: अब भारत की पदक की एकमात्र उम्मीद कौन है?
उत्तर: अब केवल महिला डबल्स जोड़ी वृषा जोली और गायत्री गोपीचंद ही टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।