भारतीय क्रिकेटर गौतम गैंबीर ने अपने लक्ष्य को स्पष्ट किया – उनका काम ट्रॉफी जीतना है, न कि सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज एकत्र करना। यह बयान उनके जीत‑के‑इच्छा को दर्शाता है और खेल की असली भावना को उजागर करता है।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद, गौतम गैंबीर ने एक साक्षात्कार में कहा कि उनका प्राथमिक लक्ष्य ट्रॉफी जीतना है, न कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करना।
गैंबीर ने कहा, "मेरा काम ट्रॉफी जीतना है, लाइक्स और व्यूज नहीं। जब मैं मैदान में उतरता हूँ, तो मैं केवल जीत के लिए ही नहीं, बल्कि देश को गर्व महसूस कराने के लिए खेलता हूँ।"
यह टिप्पणी भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के बीच गहरी चर्चा का कारण बन गई, जहाँ कई लोग इस बात से सहमत हैं कि खिलाड़ी को केवल आँकड़ों और फॉलोअर्स से अधिक, जीत की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
गैंबीर ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण ट्रॉफी जीती हैं, जिसमें 2011 का विश्व कप और 2013 का एशिया कप शामिल हैं। उनका यह बयान युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरित करेगा कि वे केवल ऑनलाइन मान्यता नहीं, बल्कि वास्तविक उपलब्धियों पर ध्यान दें।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयानों से खेल की सच्ची भावना को पुनर्स्थापित करने में मदद मिलती है और यह विज्ञापन‑उन्मुख संस्कृति के विरुद्ध एक मजबूत संदेश है।
गैंबीर के इस बयान ने सामाजिक मीडिया पर भी तेज़ी से ट्रेंड किया, जहाँ कई उपयोगकर्ता "ट्रॉफी पर ध्यान" जैसे हैशटैग के साथ समर्थन व्यक्त कर रहे हैं।