ईस्ट बंगाल ने रोमांचक फाइनल में अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी मोहन बागान SG को 4-1 से हराकर 17वां डूरंड कप खिताब अपने नाम किया। एडमंड लालरिनडिका की शानदार हैट्रिक ने टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई।

  • ईस्ट बंगाल ने मोहन बागान को 4-1 से हराकर 17वां डूरंड कप जीता।
  • एडमंड लालरिनडिका ने मैच के पहले हाफ में ही हैट्रिक जमाई।
  • इस जीत के साथ ईस्ट बंगाल ने मोहन बागान के 17 खिताबों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।

कोलकाता के प्रतिष्ठित साल्ट लेक स्टेडियम में खेले गए 2026 डूरंड कप के फाइनल में ईस्ट बंगाल ने अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी मोहन बागान SG को 4-1 के भारी अंतर से पराजित किया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही ईस्ट बंगाल ने टूर्नामेंट के 139 साल के इतिहास में 17वीं बार डूरंड कप जीतकर मोहन बागान के सर्वाधिक खिताब जीतने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।

मैच की शुरुआत से ही ईस्ट बंगाल का दबदबा देखने को मिला। 10वें मिनट में बिपिन सिंह ने पहला गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई। इसके ठीक दो मिनट बाद एडमंड लालरिनडिका ने गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। एडमंड ने 22वें मिनट में अपना दूसरा गोल कर मोहन बागान को बैकफुट पर धकेल दिया। हालांकि, 33वें मिनट में मोहन बागान के मनवीर सिंह ने एक गोल कर वापसी की कोशिश की, लेकिन एडमंड ने 44वें मिनट में अपनी हैट्रिक पूरी करते हुए स्कोर को फिर से 3-1 कर दिया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह जीत न केवल ईस्ट बंगाल के लिए एक ट्रॉफी है, बल्कि यह उनके रणनीतिक कौशल का प्रमाण भी है। जहाँ मोहन बागान ने 66% बॉल पजेशन के साथ खेल पर नियंत्रण रखने की कोशिश की, वहीं ईस्ट बंगाल ने एंटोनियो लोपेज हबास के मार्गदर्शन में 'लो ब्लॉक' और घातक 'काउंटर-अटैक' रणनीति का उपयोग किया, जो अंततः सफल रही।

एडमंड लालरिनडिका का प्रदर्शन डूरंड कप के इतिहास के सबसे प्रभावशाली व्यक्तिगत प्रदर्शनों में से एक है।

मैच के आंकड़ों पर नजर डालें तो मोहन बागान ने 467 पास पूरे किए, जबकि ईस्ट बंगाल ने केवल 248 पास किए। मोहन बागान ने 19 शॉट लगाए, जिनमें से 7 निशाने पर थे, जबकि ईस्ट बंगाल ने 11 शॉट लगाए जिनमें से 6 निशाने पर थे। खेल के तकनीकी पक्ष में बागान का वर्चस्व था, लेकिन ईस्ट बंगाल की मारक क्षमता ने उन्हें जीत दिलाई।

Historical Background

डूरंड कप दुनिया की सबसे पुरानी फुटबॉल प्रतियोगिताओं में से एक है। कोलकाता का 'डेर्बी' मुकाबला हमेशा से ही भारतीय फुटबॉल का केंद्र रहा है। ईस्ट बंगाल और मोहन बागान के बीच की यह प्रतिद्वंद्विता दशकों पुरानी है, और इस बार का फाइनल दोनों क्लबों के लिए रिकॉर्ड तोड़ने वाला साबित हुआ।

Frequently Asked Questions

1. ईस्ट बंगाल ने अब तक कितनी बार डूरंड कप जीता है?
ईस्ट बंगाल ने अब तक कुल 17 बार डूरंड कप का खिताब जीता है।

2. डूरंड कप फाइनल में मैन ऑफ द मैच कौन रहा?
एडमंड लालरिनडिका अपनी शानदार हैट्रिक के कारण मैच के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे।

Did You Know?: डूरंड कप की शुरुआत 1888 में हुई थी, जो इसे एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक बनाती है।