फीफा अध्यक्ष जिआनी इन्फेंटिनो ने विवादों के बीच कैरिबियन फुटबॉल टूर्नामेंट में शामिल होकर कॉन्काकैफ अध्यक्ष की चेतावनी को दरकिनार कर दिया है। यह कदम फीफा के भीतर चल रहे शासन संकट और निजी निवेशकों को लाभ बेचने की उनकी विवादास्पद योजना के बीच आया है।
- इन्फेंटिनो ने कॉन्काकैफ अध्यक्ष विक्टर मोंटाग्लियानी द्वारा दिए गए अनुरोध को दरकिनार किया।
- यह दौरा फीफा के 'फॉरवर्ड एंटरप्राइज' प्रस्ताव के कारण उत्पन्न शासन संकट के बीच हुआ।
- इन्फेंटिनो का लक्ष्य कैरिबियन महासंघों का समर्थन हासिल कर अपनी सत्ता मजबूत करना है।
फीफा के अध्यक्ष जिआनी इन्फेंटिनो ने एक बार फिर वैश्विक फुटबॉल जगत में हलचल पैदा कर दी है। कैरिबियन में आयोजित एक अंडर-14 फुटबॉल कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने अपने एक फीफा उपाध्यक्ष के उस अनुरोध को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिसमें उन्हें वहां न जाने की सलाह दी गई थी। यह घटनाक्रम फीफा के भीतर चल रहे गहरे राजनीतिक संकट और इन्फेंटिनो की विवादास्पद व्यावसायिक योजनाओं के बीच हो रहा है।
इन्फेंटिनो ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वे डोमिनिकन गणराज्य के राजनीतिक और फुटबॉल अधिकारियों के साथ पुंटा काना रिसॉर्ट में कैरिबियन फुटबॉल यूनियन (CFU) के युवा टूर्नामेंट के दौरान चर्चा करते नजर आ रहे हैं। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब फीफा के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान चरम पर है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इन्फेंटिनो का यह कदम केवल एक खेल कार्यक्रम में उपस्थिति नहीं है, बल्कि यह एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति है। कैरिबियन महासंघों को इन्फेंटिनो अपने समर्थन में लाने के लिए एक महत्वपूर्ण आधार माना जाता है, जिससे वे कॉन्काकैफ नेतृत्व के खिलाफ अपनी स्थिति मजबूत कर सकें।
इन्फेंटिनो का कैरिबियन दौरा उनके बढ़ते कार्यकारी राष्ट्रपति शासन और फुटबॉल के व्यवसायीकरण के बीच के संघर्ष को दर्शाता है।
विवाद की जड़ इन्फेंटिनो की वह योजना है जिसके तहत वे भविष्य के विश्व कप मुनाफे को निजी निवेशकों को बेचने की कोशिश कर रहे थे। विक्टर मोंटाग्लियानी, जो कॉन्काकैफ के अध्यक्ष हैं, ने ईमेल के माध्यम से इन्फेंटिनो से आग्रह किया था कि वे इस कार्यक्रम में शामिल न हों ताकि मीडिया का ध्यान फुटबॉल के तकनीकी विकास के बजाय फीफा के शासन संकट पर केंद्रित न हो जाए।
इन्फेंटिनो पर आरोप है कि उन्होंने चुपके से फीफा की अरबों डॉलर की व्यावसायिक गतिविधियों को एक ऐसी सहायक कंपनी में स्थानांतरित करने की योजना बनाई, जिसमें जोशुआ कुश्नर जैसे निजी निवेशकों की 20% हिस्सेदारी होगी। हालांकि, वैश्विक विरोध के बाद उन्होंने 1 अगस्त को इस परियोजना को वापस ले लिया, लेकिन उनके नेतृत्व पर सवालिया निशान अभी भी बने हुए हैं।
Historical Background
फीफा में पिछले कुछ वर्षों में सत्ता का केंद्रीकरण तेजी से बढ़ा है। इन्फेंटिनो अब अपने 11वें वर्ष में हैं और मार्च में मोरक्को के रबात में होने वाले चुनाव में चौथे और अंतिम कार्यकाल के लिए री-इलेक्शन की तैयारी कर रहे हैं। उनके खिलाफ गठबंधन में यूईएफए (UEFA) के अलेक्जेंडर सेफेरिन और एशियाई फुटबॉल परिसंघ के शेख सलमान जैसे दिग्गज शामिल हैं।
Frequently Asked Questions
1. विक्टर मोंटाग्लियानी ने इन्फेंटिनो को क्यों रोका था?
मोंटाग्लियानी का मानना था कि इन्फेंटिनो की उपस्थिति से मीडिया का ध्यान फुटबॉल के विकास के बजाय फीफा के वित्तीय विवादों पर रहेगा।
2. इन्फेंटिनो पर मुख्य आरोप क्या हैं?
उन पर फीफा के व्यावसायिक हितों को निजी निवेशकों के साथ साझा करने और पारदर्शिता की कमी का आरोप है।