भारत के 492 एथलीटों की एशियन गेम्स टीम की घोषणा के बाद, खेल मंत्रालय ने शीर्ष‑छह मानदंड पर कायम रहने का इरादा दोहराया। टेनिस सितारे रोहन बोपन्ना सहित कई खिलाड़ियों ने इस नीति पर सार्वजनिक विरोध जताया।
- सरकार ने एशियन गेम्स में केवल एशिया के टॉप‑6 एथलीटों को भेजने का तय किया।
- खिलाड़ी, माता‑पिता और कुछ संघों ने चयन मानदंड को लेकर दबाव बनाया।
- ओसीए की मंजूरी से कुछ अतिरिक्त नामों को शामिल किया जा सकता है।
एशिया‑नोगाया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित एशियन गेम्स में भारत का 492‑सदस्यीय दल आधिकारिक तौर पर घोषित हो चुका है। इस सूची को लेकर कई एथलीटों ने अपनी जगह नहीं मिलने पर तीखा विरोध किया, विशेषकर टेनिस के पूर्व डबल्स खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने पाँच टेनिस खिलाड़ियों को बाहर रखने की नीति को उजागर किया।
चयन मानदंड का मूल सिद्धांत
स्पोर्ट्स मंत्रालय ने एक साल पहले स्पष्ट रूप से कहा था कि किसी भी इवेंट में केवल एशिया के शीर्ष छह स्थान पर रहने वाले एथलीटों को ही टीम में शामिल किया जाएगा। "यदि आपका बच्चा मेरिट पर खरा उतरता है, तो उसे चयनित नहीं किया जा सकता नहीं," एक स्रोत ने कहा, यह दर्शाते हुए कि मानदंड में कोई लचीलापन नहीं है।
विरोध और आलोचना
रोहन बोपन्ना ने लिंक्डइन पर लिखते हुए कहा, "एक समिति ने कागज़ पर फैसला कर दिया, जबकि परिणाम पहले ही तय थे। रैंकिंग का क्या मतलब?" उन्होंने उन पाँच टेनिस खिलाड़ियों – मनास धामने, वैष्णवी अदकर, सहज यामलापल्ली, वैदेही चौधरी और प्रार्थना थॉम्बरे – को बाहर करने की नीतियों की खुलेआम निंदा की।
अन्य खेलों में समान विवाद
टेनिस ही नहीं, इक्वेस्ट्रियन खिलाड़ी अनुष अग्रवाल भी चयन से बाहर हुए और उन्होंने इस निर्णय को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसे बाद में खारिज कर दिया गया। यह मामला मंत्रालय की सख्त नीति को और अधिक उजागर करता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले एशियन गेम्स में भी भारत ने चयन मानदंड को लेकर कई बार आलोचना झेली है। 2018 में, कुछ एथलीटों को "अनुभव के लिए" भेजने की बात उठी थी, परन्तु इस बार मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से बताया कि यह मंच अनुभव के लिए नहीं, बल्कि जीत के लिए है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that a rigid selection policy can boost India's medal prospects by ensuring only world‑class athletes compete, but it also risks alienating emerging talent and may lead to legal challenges that distract from performance preparation.
"Selection based purely on continental rankings raises the bar for Indian athletes, yet it must be balanced with pathways for upcoming stars," says sports analyst Priya Mehra.
Frequently Asked Questions
Q: शीर्ष‑छह मानदंड में किन खेलों को शामिल किया गया है?
A: सभी खेल जिसमें भारत ने एशियन गेम्स में हिस्सा लिया है, जैसे एथलेटिक्स, तैराकी, बैडमिंटन, टेनिस आदि, पर यह मानदंड लागू होता है।
Q: क्या घोषणा के बाद टीम में बदलाव संभव है?
A: केवल ओसीए की अतिरिक्त मंजूरी के बाद ही सीमित संख्या में नाम जोड़े जा सकते हैं; अन्य सभी मामलों में मानदंड अपरिवर्तित रहेगा।