केंद्र सरकार ने हैदराबाद और तेलंगाना के अन्य शहरों में आयोजित होने वाले 8वें खेलो इंडिया यूथ गेम्स के लिए ₹22 करोड़ की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है। इस आयोजन में देश भर के 6,000 से अधिक एथलीट हिस्सा लेंगे।

  • 8वें खेलो इंडिया यूथ गेम्स के लिए ₹22 करोड़ की मंजूरी।
  • दिसंबर में हैदराबाद, वारंगल, करीमनगर और महबूबनगर में आयोजन।
  • 6,000 से अधिक एथलीट 25 खेल स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा करेंगे।
  • तेलंगाना में खेल बुनियादी ढांचे पर ₹30 करोड़ खर्च किए गए।

केंद्र सरकार ने आगामी 8वें खेलो इंडिया यूथ गेम्स के सफल आयोजन के लिए ₹22 करोड़ की महत्वपूर्ण राशि मंजूर की है। यह खेल महाकुंभ इस वर्ष दिसंबर में आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन तेलंगाना के हैदराबाद, वारंगल, करीमनगर और महबूबनगर में केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्रालय के समन्वय से किया जाएगा।

इस भव्य आयोजन में देश के कोने-कोने से लगभग 6,000 से अधिक एथलीट हिस्सा लेंगे। ये खिलाड़ी 25 विभिन्न खेल स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। यह आयोजन न केवल तेलंगाना के लिए बल्कि पूरे देश के उभरते हुए युवा एथलीटों के लिए एक बड़ा मंच साबित होगा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि खेल बुनियादी ढांचे में यह निवेश भारत के जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। तेलंगाना में अब तक खेलो इंडिया योजना के तहत लगभग ₹30 करोड़ के खेल बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा चुका है।

इस निवेश का एक बड़ा हिस्सा (₹11.5 करोड़) उस्मानिया विश्वविद्यालय में सुविधाओं के विकास पर खर्च किया गया है, जिसमें सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, सिंथेटिक टेनिस कोर्ट और महिलाओं के लिए एक समर्पित स्विमिंग पूल शामिल है। इसके अतिरिक्त, ₹18.5 करोड़ राज्य के विभिन्न शहरों में खेल बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए उपयोग किए गए हैं।

खेलों में बढ़ता सरकारी निवेश भारत को वैश्विक खेल शक्ति बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।

मंत्री जी. किशन रेड्डी ने राष्ट्रीय खेल बजट में हुई भारी वृद्धि पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले राष्ट्रीय खेल बजट ₹1,219 करोड़ था, जो अब 2025-26 में बढ़कर ₹3,794 करोड़ हो गया है। पिछले 12 वर्षों में, देश भर में 350 खेल बुनियादी ढांचा परियोजनाएं पूरी की गई हैं, जिनकी लागत ₹3,181 करोड़ है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

खेलो इंडिया योजना की शुरुआत भारत में खेल प्रतिभाओं को खोजने और उन्हें निखारने के उद्देश्य से की गई थी। पिछले दशक में, भारत ने खेल के बुनियादी ढांचे के मामले में एक बड़ा बदलाव देखा है, जहाँ अब ध्यान केवल मैदान बनाने पर नहीं, बल्कि विश्व स्तरीय सुविधाओं के निर्माण पर है।

Did You Know?: तेलंगाना में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए वर्तमान में 33 खेलो इंडिया केंद्र स्थापित किए गए हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: 8वें खेलो इंडिया यूथ गेम्स कब आयोजित किए जाएंगे?
उत्तर: ये खेल इस वर्ष दिसंबर में आयोजित किए जाएंगे।

प्रश्न 2: खेलो इंडिया गेम्स के लिए किन शहरों को चुना गया है?
उत्तर: इसके लिए हैदराबाद, वारंगल, करीमनगर और महबूबनगर को चुना गया है।