मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पुरुष और महिला खिलाड़ियों के लिए समान वार्षिक रिटेनर राशि की घोषणा की है, जिससे लैंगिक समानता की दिशा में एक नया मानक स्थापित हुआ है।

  • MCA पुरुष और महिला खिलाड़ियों को समान वार्षिक रिटेनर देने वाला पहला राज्य बोर्ड बना।
  • ग्रेड A के खिलाड़ियों को 12 लाख रुपये, ग्रेड B को 8 लाख और ग्रेड C को 6 लाख रुपये मिलेंगे।
  • कुल 22 खिलाड़ियों (14 पुरुष और 8 महिला) को इन अनुबंधों का लाभ मिलेगा।
  • अजिंक्य रहाने के सम्मान में एक नई छात्रवृत्ति योजना की भी शुरुआत की गई है।

मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) ने भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए लैंगिक समानता की दिशा में एक मिसाल कायम की है। MCA देश का पहला राज्य क्रिकेट बोर्ड बन गया है जिसने अपने पुरुष और महिला दोनों खिलाड़ियों के लिए समान वार्षिक रिटेनर (Annual Retainers) की घोषणा की है। यह निर्णय उन खिलाड़ियों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए लिया गया है जो वर्तमान में बीसीसीआई (BCCI) के केंद्रीय अनुबंध का हिस्सा नहीं हैं।

अनुबंध संरचना और खिलाड़ी विवरण

इस नई पहल के तहत, कुल 22 खिलाड़ियों को अनुबंध दिए गए हैं, जिनमें 14 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल हैं। रिटेनर की राशि दोनों लिंगों के लिए समान रखी गई है: ग्रेड A के लिए 12 लाख रुपये, ग्रेड B के लिए 8 लाख रुपये और ग्रेड C के लिए 6 लाख रुपये।

पुरुषों की श्रेणी में, दिग्गज बल्लेबाज सिद्धेश लाड और स्पिन-ऑलराउंडर शम्स मुलानी को सर्वोच्च 'ग्रेड A' में रखा गया है। वहीं, महिलाओं की ओर से हुमैरा काजी और वृषाली भगत को ग्रेड A का दर्जा दिया गया है। इसके अलावा, खिलाड़ियों को मैच फीस, दैनिक भत्ता और प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन भी दिए जाएंगे।

ग्रेड (Grade)वार्षिक रिटेनर (INR)पात्र खिलाड़ी (उदाहरण)
ग्रेड A12 लाखसिद्धेश लाड, हुमैरा काजी
ग्रेड B8 लाखमोहित अवस्थी, सानिका चाल्के
ग्रेड C6 लाखसैराज पाटिल, फातिमा जाफर

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि MCA का यह कदम केवल वित्तीय सहायता के बारे में नहीं है, बल्कि यह क्रिकेट के भीतर मौजूद संरचनात्मक असमानता को मिटाने की एक कोशिश है। सौरव गांगुली ने बीसीसीआई अध्यक्ष बनने के बाद लैंगिक समानता को प्राथमिकता देने का वादा किया था, और MCA का यह निर्णय उस विजन को धरातल पर उतारने वाला पहला बड़ा राज्य स्तरीय प्रयास है।

यह निर्णय घरेलू क्रिकेट के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगा और महिला क्रिकेटरों को पेशेवर रूप से आगे बढ़ने के लिए आवश्यक वित्तीय स्थिरता प्रदान करेगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

मुंबई क्रिकेट हमेशा से भारतीय क्रिकेट की नर्सरी रही है। हाल के वर्षों में, घरेलू क्रिकेट के महत्व को बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए गए हैं। उदाहरण के लिए, 2024-25 सत्र में MCA ने अपने वरिष्ठ पुरुष दल के वेतन में 100% की वृद्धि की थी। बीसीसीआई द्वारा टेस्ट मैच खेलने के लिए दिए जाने वाले प्रोत्साहन के बाद, अब राज्य बोर्ड भी अपने खिलाड़ियों के हितों की रक्षा कर रहे हैं।

इसके साथ ही, MCA ने दिग्गज क्रिकेटर अजिंक्य रहाने के सम्मान में एक छात्रवृत्ति कोष की भी स्थापना की है। शरद पवार के योगदान से शुरू किया गया यह फंड जमीनी स्तर (grassroots) के क्रिकेटरों को सहायता प्रदान करेगा।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या यह वेतन केवल घरेलू खिलाड़ियों के लिए है?
उत्तर: हाँ, यह मुख्य रूप से उन खिलाड़ियों के लिए है जो बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंध के दायरे में नहीं आते हैं।

प्रश्न 2: क्या महिला खिलाड़ियों को भी मैच फीस मिलेगी?
उत्तर: हाँ, रिटेनर के अलावा महिला खिलाड़ियों को मैच फीस और प्रदर्शन के आधार पर प्रोत्साहन भी मिलेगा।

Did You Know?: मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन भारत के सबसे सफल घरेलू क्रिकेट बोर्डों में से एक है, जिसने अनगिनत भारतीय दिग्गज खिलाड़ी दिए हैं।