एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप की तैयारी के लिए भारतीय जूडो टीम जापान के सुकुबा विश्वविद्यालय में एक विशेष एक्सपोजर कैंप में भाग लेगी। इस दल में 11 खिलाड़ी और तीन कोच शामिल हैं।

  • भारतीय जूडो टीम 5 सितंबर से 2 अक्टूबर तक जापान के सुकुबा विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण लेगी।
  • दल में 10 महिला और 1 पुरुष खिलाड़ी सहित कुल 11 जूडोखिलाड़ी शामिल हैं।
  • राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन अस्मिता डे और हर्ष सिंह इस महत्वपूर्ण दौरे का हिस्सा हैं।

भारत के उभरते जूडो सितारों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ आने वाला है। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) ने एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने वाले भारतीय जूडोखिलाड़ियों के एक विशेष एक्सपोजर कैंप को मंजूरी दे दी है। यह शिविर जापान के प्रतिष्ठित सुकुबा विश्वविद्यालय में 5 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा, जहाँ भारतीय खिलाड़ी दुनिया के सबसे कठिन जूडो केंद्रों में से एक में अपनी तकनीक को निखारेंगे।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भारतीय एथलीटों को उच्च-स्तरीय अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा और जापानी प्रशिक्षण पद्धतियों से अवगत कराना है। जापान जूडो का जन्मस्थान है, और यहाँ का प्रशिक्षण शिविर भारतीय खिलाड़ियों के लिए मानसिक और शारीरिक मजबूती हासिल करने का एक सुनहरा अवसर होगा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that sending a predominantly female squad (10 out of 11 athletes) underscores India's growing dominance and investment in women's combat sports. By training at Tsukuba University, the athletes are not just practicing moves but are absorbing the tactical discipline of the sport's origin country, which is critical for podium finishes in Baku and Aichi-Nagoya.

"Exposure to the Japanese training ecosystem is the gold standard for any judoka aiming for global medals."

एशियाई खेलों (ऐची-नागोया) के लिए भारत का प्रतिनिधित्व अस्मिता डे (48 किग्रा), यामिनी मौर्या (57 किग्रा) और इनुंगनबी तखेलमबम (70 किग्रा) करेंगी। वहीं, विश्व चैंपियनशिप के लिए 11 सदस्यीय दल का चयन किया गया है, जिसमें पुरुषों की श्रेणी में एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हर्ष सिंह (60 किग्रा) हैं। हर्ष, जो वर्तमान में 84वीं रैंक पर हैं, 4 अक्टूबर से बाकू, अजरबैजान में शुरू होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत का मान बढ़ाएंगे।

प्रतियोगिता प्रमुख खिलाड़ी स्थान
एशियाई खेल अस्मिता डे, यामिनी मौर्या, इनुंगनबी तखेलमबम ऐची-नागोया, जापान
विश्व चैंपियनशिप हर्ष सिंह, अस्मिता डे, श्रद्धा चोपड़े और अन्य बाकू, अजरबैजान

ऐतिहासिक रूप से, भारतीय जूडो ने राष्ट्रमंडल खेलों में अपनी छाप छोड़ी है, लेकिन एशियाई और विश्व स्तर पर पदक जीतना एक बड़ी चुनौती रही है। यह प्रशिक्षण शिविर उस अंतर को पाटने का एक प्रयास है।

क्या आप जानते हैं?: जूडो की शुरुआत 1882 में जापान में कानो जिगोरो द्वारा की गई थी, और यह अब दुनिया भर में एक प्रमुख ओलंपिक खेल है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: भारतीय टीम जापान में कहाँ प्रशिक्षण लेगी?
उत्तर: भारतीय जूडो टीम जापान के सुकुबा विश्वविद्यालय (Tsukuba University) में प्रशिक्षण लेगी।

प्रश्न 2: विश्व चैंपियनशिप में भारत का एकमात्र पुरुष प्रतिनिधि कौन है?
उत्तर: 60 किग्रा श्रेणी में राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन हर्ष सिंह एकमात्र भारतीय पुरुष जूडोखिलाड़ी हैं।