प्रीमियर लीग ने सेट-पीस के दौरान 'नॉन-फुटबॉलिंग' शारीरिक संपर्क को रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। रेफरी को अब पेनल्टी एरिया में हो रही धक्का-मुक्की और पकड़ने जैसी हरकतों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
- कॉर्नर और फ्री-किक के दौरान 'नॉन-फुटबॉलिंग होल्डिंग एक्शन' पर अब सख्त जुर्माना लगाया जाएगा।
- उन खिलाड़ियों पर मुख्य ध्यान होगा जो प्रतिद्वंद्वी को गेंद खेलने से रोकने के लिए उसे पकड़ते या खींचते हैं।
- हावर्ड वेब का लक्ष्य चेतावनियों को कम करना और तत्काल पेनल्टी देना है ताकि खिलाड़ियों के व्यवहार में बदलाव आए।
प्रीमियर लीग अपने नए सीजन की शुरुआत एक स्पष्ट जनादेश के साथ कर रही है: पेनल्टी एरिया के भीतर हो रही पकड़ने, धक्का देने और हाथापाई की समस्या को खत्म करना। पिछले सीजन में कई मैचों में यह देखा गया कि खिलाड़ी गेंद के बजाय एक-दूसरे को रोकने में अधिक व्यस्त थे। अब कोचों, कप्तानों और स्टेकहोल्डर्स के साथ चर्चा के बाद, रेफरी को गैर-फुटबॉलिंग गतिविधियों के खिलाफ सख्त होने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि खेल के बुनियादी नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन प्रीमियर लीग अब खिलाड़ियों के व्यवहार पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है। इंग्लिश फुटबॉल लीग और विमेंस सुपर लीग के अधिकारी अब उन 'होल्डिंग एक्शन' पर नजर रखेंगे जिनका खेल पर स्पष्ट प्रभाव पड़ता है। इसका मतलब है कि यदि कोई खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी को गेंद तक पहुंचने से रोकने के लिए उसे पकड़ता है, तो उसे तुरंत दंडित किया जाएगा।
नए प्रवर्तन मानदंड क्या हैं?
निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए, रेफरी प्रमुख हावर्ड वेब ने स्पष्ट किया है कि किन स्थितियों को फाउल माना जाएगा। इसमें वे मामले शामिल होंगे जहां खिलाड़ी का ध्यान गेंद के बजाय केवल प्रतिद्वंद्वी पर हो, वह गेंद खेलने का कोई प्रयास न कर रहा हो, दोनों हाथों से प्रतिद्वंद्वी को पकड़ा हो, या उसकी जर्सी को खींच रहा हो।
| क्रिया | पिछला सीजन दृष्टिकोण | नया 2026-27 दृष्टिकोण |
|---|---|---|
| बॉल से दूर हाथापाई | अक्सर नजरअंदाज किया जाता था | 'नॉन-फुटबॉलिंग' मानकर सख्त दंड |
| गोलकीपर को हल्का धक्का | कोई फाउल नहीं | अभी भी फाउल नहीं (उच्च सीमा) |
| GK के हाथ की मूवमेंट रोकना | पेनल्टी | पेनल्टी (सख्ती बरकरार) |
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि सेट-पीस के दौरान होने वाली अराजकता कई टीमों के लिए एक रणनीतिक हथियार बन गई थी, जिससे खेल का प्रवाह बाधित होता था। हाथापाई के 'ग्रे एरिया' को हटाकर, लीग का लक्ष्य खेल की तरलता को बढ़ाना और स्पष्ट शारीरिक फाउल के लिए VAR पर निर्भरता कम करना है। इसका उद्देश्य जिम्मेदारी खिलाड़ियों पर डालना है; यदि फाउल कम होते हैं, तो यह इसलिए होना चाहिए क्योंकि खिलाड़ियों ने हाथापाई बंद कर दी, न कि इसलिए कि रेफरी ने देखना बंद कर दिया।
"हम अधिकारियों को इस बात के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं कि वे जो देखते हैं उसे दंडित करने में अधिक आत्मविश्वासी बनें—कम चेतावनियां, अधिक दंड।" — हावर्ड वेब।
इन बदलावों के लिए तैयारी के तौर पर, Pro Ref (रेफरी निकाय) ने ट्रेनिंग ग्राउंड का दौरा किया और खिलाड़ियों को उन घटनाओं के वीडियो दिखाए जिन्हें पिछले सीजन में नजरअंदाज किया गया था, लेकिन अब उन्हें पेनल्टी दिया जाएगा। इसमें ब्रेंटफोर्ड के कीन लुईस-पोटर और सुंदरलैंड के ल्यूक ओ'नीएन जैसे खिलाड़ियों के उदाहरण शामिल थे।
इसके अलावा, अब रेफरी को मैच से पहले 'डोजियर' (विस्तृत रिपोर्ट) दिए जा रहे हैं। कुशल विश्लेषकों द्वारा तैयार ये रिपोर्ट रेफरी को टीमों की रणनीति और सेट-पीस सेटअप के बारे में सूचित करती हैं, जिससे उन्हें सही समय पर सही जगह देखने में मदद मिलती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या अब बॉक्स में होने वाले हर संपर्क पर पेनल्टी दी जाएगी?
नहीं। शारीरिक संपर्क खेल का हिस्सा है, और आकस्मिक धक्कों के लिए अभी भी एक उच्च सीमा (threshold) बनी हुई है।
प्रश्न 2: खिलाड़ियों को इन बदलावों के बारे में कैसे सूचित किया जा रहा है?
Pro Ref ट्रेनिंग ग्राउंड दौरों और वीडियो क्लिप्स के माध्यम से खिलाड़ियों को 'फुटबॉलिंग' और 'नॉन-फुटबॉलिंग' कार्यों के बीच का अंतर समझा रहा है।