केरल के वायनाड के रहने वाले 74 वर्षीय टी.जे. मार्स ने अपनी उम्र को मात देते हुए यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की है। उन्होंने यह उपलब्धि भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हासिल की।

  • 74 वर्षीय टी.जे. मार्स माउंट एल्ब्रस फतह करने वाले संभवतः सबसे उम्रदराज भारतीय बन गए हैं।
  • केरल की 5 सदस्यीय टीम ने 15 अगस्त 2026 को 5,642 मीटर ऊंची चोटी पर विजय प्राप्त की।
  • टीम ने 65 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली बर्फीली हवाओं और कठिन मौसम का सामना किया।

केरल के वायनाड जिले के थारियोड ग्राम पंचायत के निवासी और केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) के सेवानिवृत्त कर्मचारी टी.जे. मार्स ने साबित कर दिया है कि उम्र केवल एक संख्या है। 74 वर्ष, 6 महीने और 26 दिन की आयु में, उन्होंने रूस की काकेशस पर्वतमाला में स्थित यूरोप की सर्वोच्च चोटी, माउंट एल्ब्रस (5,642 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की।

यह अभियान आठ दिनों तक चला, जिसमें मार्स के साथ एस. शेषाद्री, एम.पी. मुरलीधरन, जी.जे. अघिना सूर्या और पी. अतिफ शामिल थे। इस टीम का नेतृत्व एस. शेषाद्री ने किया, जबकि टीम की एकमात्र महिला सदस्य अघिना सूर्या ने सह-नेतृत्व की भूमिका निभाई। इस साहसिक यात्रा का सबसे गौरवपूर्ण क्षण तब आया जब टीम ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त को शिखर पर कदम रखा।

यह उपलब्धि क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, टी.जे. मार्स की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि यह भारत में 'सक्रिय वृद्धावस्था' (Active Ageing) के प्रति एक नया दृष्टिकोण पेश करती है। जब समाज बुजुर्गों को आराम की ओर धकेलता है, तब मार्स जैसे व्यक्ति शारीरिक और मानसिक दृढ़ता की नई मिसाल पेश कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि उचित योजना और इच्छाशक्ति के साथ, सेवानिवृत्ति के बाद का जीवन और भी रोमांचक हो सकता है।

"शिखर केवल यात्रा का एक हिस्सा है; असली बदलाव उस तैयारी और संघर्ष में है जो आपको वहां तक ले जाता है।"

मार्स और उनके साथी मुरलीधरन (66 वर्ष) के लिए यह कोई पहली बड़ी उपलब्धि नहीं है। इससे पहले सितंबर 2025 में, दोनों ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) को फतह किया था और एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक भी पूरा किया था। इस सफलता के साथ, मार्स, मुरलीधरन और अतिफ ने अब 'सेवन समिट्स' (सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियां) में से दो को पूरा कर लिया है।

अभियान के दौरान टीम को भीषण चुनौतियों का सामना करना पड़ा। अंतिम चढ़ाई और उतरने के दौरान, विशेष रूप से सैडल पॉइंट के बाद, तापमान शून्य से काफी नीचे था और बर्फीली हवाएं 65 किमी/घंटा की गति से चल रही थीं। इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद, टीम के अटूट संकल्प ने उन्हें जीत दिलाई।

पर्वत (Mountain) ऊंचाई (Height) महाद्वीप (Continent) उपलब्धि (Achievement)
माउंट एल्ब्रस 5,642 मीटर यूरोप 15 अगस्त 2026 को फतह
माउंट किलिमंजारो 5,895 मीटर अफ्रीका सितंबर 2025 में फतह
क्या आप जानते हैं?: माउंट एल्ब्रस एक सुप्त ज्वालामुखी (dormant volcano) है और यह यूरोप की सबसे ऊंची चोटी मानी जाती है यदि हम काकेशस पर्वतमाला को यूरोप का हिस्सा मानते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: टी.जे. मार्स कौन हैं और उन्होंने क्या उपलब्धि हासिल की?
उत्तर: टी.जे. मार्स केरल के वायनाड के एक सेवानिवृत्त KSRTC कर्मचारी हैं, जिन्होंने 74 वर्ष की आयु में यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस पर चढ़ाई की।

प्रश्न 2: 'सेवन समिट्स' क्या है?
उत्तर: सेवन समिट्स दुनिया के सात महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों को फतह करने की एक वैश्विक चुनौती है।