एक कॉलेज NCC ट्रायल ने विदर्सा के विनोद को भारत की एशियन गेम्स शूटिंग टीम में जगह दिलाई। बिना अपना राइफल खरीदे, उन्होंने केरल की रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया और अब एशिया-नागोया 2026 में प्रतिस्पर्धा करेंगे।
- विदर्सा ने बिना निजी राइफल के केरल में नंबर 1 रैंक हासिल की
- कोविड के बाद भी उन्होंने खेल को छोड़ने की बजाय आगे बढ़ने का फैसला किया
- कोच मनोज कुमार की मदद से उन्होंने हल्की राइफल अपनाई और एशियन गेम्स के लिए तैयार हुईं
2018 में कोझिकोड की एक कॉलेज में आयोजित NCC ट्रायल में भाग लेने के लिए विदर्सा के विनोद ने राइफल उठाई, सिर्फ़ दोस्तों को दिखाने के लिए। लेकिन उस दिन की शॉट ने उनका जीवन बदल दिया और उन्हें भारत की 2026 एशियन गेम्स शूटिंग टीम में जगह दिला दी। वह महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल और 50 मीटर थ्री‑पोजीशन दोनों इवेंट में प्रतिस्पर्धा करेंगी।
कोई औपचारिक प्रशिक्षण न होने के बावजूद, वह उसी दिन NCC टीम में चुनी गईं और जल्द ही केरल राज्य टीम में शामिल हो गईं। शुरुआती दौर में राइफल, जैकेट और दाग़‑बोरे जैसी महंगी चीज़ों की कमी ने उन्हें परेशान किया, और कोविड‑19 के दौरान उन्होंने खेल छोड़ने पर विचार किया।
महामारी के बाद, योग और घर पर व्यायाम करने के बाद भी वह रेंज से दूर रहीं। लेकिन जब रेंज फिर खुली, तो उन्होंने देखा कि बिना अपना राइफल खरीदे वे केरल की रैंकिंग में शीर्ष पर हैं, जिससे उन्हें छोड़ना कठिन लग रहा था।
एक रेंज पर उन्होंने अपने पति से मुलाकात की, जिन्होंने पूछा कि बिना अपना राइफल के वह खुद को प्रोफेशनल शूटर कैसे कह सकती हैं। इस सवाल ने उन्हें गहराई से सोचने पर मजबूर किया और अंततः उन्होंने राइफल खरीदने के लिए लोन लिया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि दक्षिण भारत में शूटिंग का उभार नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विदर्सा जैसी कहानियां न केवल खेल में लैंगिक समानता को बढ़ावा देती हैं, बल्कि आर्थिक बाधाओं को पार करने की प्रेरणा भी देती हैं।
"विदर्सा की कहानी दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और सही मार्गदर्शन से कोई भी बाधा पार की जा सकती है," कहा शुटिंग विशेषज्ञ अजय सिंह ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या विदर्सा ने एशियन गेम्स में कोई मेडल जीता?
उत्तर: प्रतियोगिता अभी चल रही है; परिणाम अभी घोषित नहीं हुए हैं।
प्रश्न 2: वह किस कोच के साथ प्रशिक्षण ले रही हैं?
उत्तर: वह साई हाई‑परफ़ॉर्मेंस कोच मनोज कुमार के साथ काम कर रही हैं।