BCCI ने बंगाल के लेग-स्पिनर रोहित यादव पर उम्र में हेराफेरी के कारण दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही CAB ने 62 अन्य क्रिकेटरों को भी अयोग्य घोषित कर दिया है।

  • रोहित यादव पर उम्र में धोखाधड़ी के कारण 2 साल का प्रतिबंध लगाया गया है।
  • CAB ने 2026-27 और 2027-28 सीज़न के लिए 62 खिलाड़ियों को अयोग्य घोषित किया है।
  • रोहित के पास तीन अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र पाए गए।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बंगाल के उभरते हुए लेग-स्पिनर रोहित यादव पर उम्र में हेराफेरी (Age Fraud) के गंभीर आरोपों के चलते दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई उस समय हुई है जब रोहित को हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी अंडर-19 सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया था।

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले रोहित ने जुलाई में श्रीलंका दौरे के दौरान भारत का प्रतिनिधित्व किया था, जहाँ उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए छह विकेट चटकाए थे। हालांकि, श्रीलंका में उनके दस्तावेजों की गहन जांच के दौरान उनकी उम्र में भारी विसंगतियां पाई गईं। जांच में सामने आया कि रोहित के पास तीन अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र थे, जिनमें जन्म का वर्ष 2007, 2009 और 2010 बताया गया था।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला भारतीय क्रिकेट के जमीनी स्तर पर पारदर्शिता और नैतिकता के संकट को दर्शाता है। जब एक खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व कर रहा हो और उसके आधार रिकॉर्ड और जन्म प्रमाण पत्र आपस में मेल न खाएं, तो यह पूरे चयन तंत्र पर सवाल उठाता है। रोहित के आधार रिकॉर्ड में भी 2006, 2007 और 2009 के बीच विरोधाभास पाया गया।

उम्र में धोखाधड़ी न केवल खेल की भावना के खिलाफ है, बल्कि यह उन ईमानदार खिलाड़ियों के अवसरों को भी छीन लेती है जो सही उम्र और मेहनत के साथ आगे बढ़ते हैं।

क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए न केवल रोहित को बाहर किया, बल्कि 62 अन्य क्रिकेटरों को भी 2026-27 और 2027-28 के सत्रों के लिए पंजीकरण या स्थानांतरण के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। इस सूची में पूर्व अंडर-19 विश्व कप विजेता रवि कुमार और ऑलराउंडर विशाल भट्टी जैसे नाम भी शामिल हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारतीय क्रिकेट में उम्र संबंधी विवादों का इतिहास पुराना रहा है। इससे पहले भी कई राज्यों में खिलाड़ियों के दस्तावेजों की जांच के बाद बड़े पैमाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है ताकि खेल की अखंडता बनी रहे। CAB का यह हालिया कदम खेल प्रशासन में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

Did You Know?: बीसीसीआई द्वारा उम्र के सत्यापन के लिए अब बायोमेट्रिक और उन्नत डिजिटल दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रियाओं का उपयोग किया जा रहा है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: रोहित यादव पर कितना प्रतिबंध लगाया गया है?
उत्तर: रोहित यादव पर दो साल का प्रतिबंध लगाया गया है।

प्रश्न 2: CAB ने कुल कितने खिलाड़ियों को अयोग्य घोषित किया है?
उत्तर: CAB ने कुल 62 खिलाड़ियों को आगामी सीज़न के लिए अयोग्य घोषित किया है।