यूएस ओपन में खिलाड़ियों की बढ़ती शिकायतों के बाद, विंबलडन अब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए नियमों को सख्त कर सकता है। खिलाड़ियों ने शोर और फ्लैश फोटोग्राफी के कारण खेल में बाधा आने की गंभीर चिंता जताई है।

  • विंबलडन इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए कड़े नियम लागू कर सकता है।
  • यूएस ओपन में खिलाड़ियों ने शोर, फ्लैश और अनुचित व्यवहार की शिकायत की है।
  • रिंग लाइट और अन्य भारी उपकरणों पर प्रतिबंध लगने की संभावना है।

टेनिस की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। यूएस ओपन में हुए हालिया विवादों और खिलाड़ियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद, प्रतिष्ठित विंबलडन टूर्नामेंट अब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए अपने नियमों को और अधिक सख्त बनाने की तैयारी में है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, द ऑल इंग्लैंड क्लब (The All England Club) इन्फ्लुएंसर्स के लिए कोई अलग मान्यता श्रेणी (Accreditation category) तो नहीं बनाएगा, लेकिन वह ऐसे उपकरणों पर कड़ी नजर रखेगा जो खेल में व्यवधान उत्पन्न कर सकते हैं। इसमें विशेष रूप से रिंग लाइट्स, ट्राइपॉड और अन्य पेशेवर वीडियो उपकरण शामिल हो सकते हैं।

क्यों जरूरी है यह बदलाव?

यह कदम यूएस ओपन के दौरान उत्पन्न हुई अव्यवस्था के जवाब में उठाया जा रहा है। इस साल यूएस ओपन में लगभग 100 कंटेंट क्रिएटर्स को आधिकारिक मान्यता दी गई थी ताकि नए दर्शकों को आकर्षित किया जा सके। हालांकि, इस प्रयोग ने खेल की गरिमा और सोशल मीडिया के शोर के बीच एक गहरी खाई पैदा कर दी है।

कोको गॉफ जैसी दिग्गज खिलाड़ी ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की है। गॉफ ने कहा कि हालांकि नए दर्शकों का आना अच्छा है, लेकिन टेनिस कोर्ट के शिष्टाचार (Etiquette) का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने विशेष रूप से फ्लैश फोटोग्राफी और पॉइंट के दौरान टिकटॉक वीडियो बनाने जैसे व्यवहार पर आपत्ति जताई है।

टेनिस जैसे एकाग्रता वाले खेल में, दर्शकों का व्यवहार सीधे तौर पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रभावित करता है।

फ्रांसीसी खिलाड़ी एड्रियन मैनारिनो ने तो यहाँ तक कह दिया कि यूएस ओपन का माहौल एक 'चिड़ियाघर' (Zoo) जैसा होता जा रहा है। उन्होंने शोर के साथ-साथ बाहरी कोर्ट के पास गांजे की गंध और दर्शकों के बार-बार इधर-उधर घूमने की भी शिकायत की।

ऐतिहासिक संदर्भ: विंबलडन बनाम यूएस ओपन

विंबलडन अपनी परंपराओं और शांतिपूर्ण माहौल के लिए जाना जाता है, जबकि यूएस ओपन अपने ऊर्जावान और शोर-शराबे वाले माहौल के लिए प्रसिद्ध है। विंबलडन हमेशा से ही खेल की गरिमा बनाए रखने के लिए सख्त नियमों का पालन करता आया है, और अब यह कदम उस परंपरा को बचाने की एक कोशिश है।

Did You Know?: विंबलडन दुनिया का एकमात्र ग्रैंड स्लैम है जहाँ खिलाड़ी अभी भी पारंपरिक सफेद कपड़े पहनकर खेलते हैं।

Frequently Asked Questions

1. क्या विंबलडन इन्फ्लुएंसर्स को पूरी तरह बैन कर रहा है?
नहीं, विंबलडन उन्हें पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं कर रहा है, बल्कि उनके व्यवहार और उपयोग किए जाने वाले उपकरणों (जैसे रिंग लाइट) पर सख्त नियंत्रण लगा सकता है।

2. खिलाड़ियों को मुख्य समस्या क्या है?
खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ी समस्या फ्लैश फोटोग्राफी और पॉइंट के दौरान होने वाला शोर है, जो उनकी एकाग्रता भंग करता है।