स्पेनिश रेफरी समिति (CTA) ने जोस मौरिन्हो की आलोचनाओं का जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि रियल मैड्रिड और बेटिस मैच के दौरान वैर (VAR) ने नियमों का पूरी तरह पालन किया। समिति ने मैच के कई विवादास्पद फैसलों पर विस्तृत विश्लेषण जारी किया है।
- सीटीए ने पुष्टि की कि बार्ट्रा ने पेनल्टी के दौरान कोई नियम नहीं तोड़ा।
- निको विलियम्स का गोल वैध माना गया क्योंकि गेंद पूरी तरह लाइन से बाहर नहीं गई थी।
- सांगांटे को दिया गया रेड कार्ड और पापे गुये का गोल रद्द करना सही निर्णय था।
ला लीगा के हालिया मुकाबलों में फैसलों को लेकर बढ़ा विवाद अब एक आधिकारिक मोड़ ले चुका है। जोस मौरिन्हो ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रेफरी इग्लेसियास विलानुएवा और वैर (VAR) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए थे। मौरिन्हो ने पूछा था कि बेटिस और रियल मैड्रिड के बीच हुए मैच में पेनल्टी को दोबारा क्यों नहीं दोहराया गया, और क्या वैर को नियमों की जानकारी नहीं थी।
इस विवाद पर विराम लगाते हुए, तकनीकी रेफरी समिति (CTA) ने अपनी रिपोर्ट 'टिएम्पो डी रिविसियोन' में विस्तृत स्पष्टीकरण दिया है। सीटीए के अनुसार, जब किलियन एम्बाप्पे ने पेनल्टी मारी और गोलकीपर वैलेस ने उसे रोका, तो डिफेंडर बार्ट्रा ने गेंद को क्लियर किया। विश्लेषण में पाया गया कि किक मारते समय बार्ट्रा का एक पैर जमीन पर था, इसलिए वह 'इन द एयर' (हवा में) की श्रेणी में नहीं आते थे और न ही उन्होंने सेमी-सर्कल का उल्लंघन किया था।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the ongoing friction between high-profile managers like Mourinho and the officiating bodies highlights a systemic struggle in the adoption of VAR. The insistence on technicalities over perceived fairness often leads to public relations battles that overshadow the sport itself.
"The precision of VAR is often misinterpreted by coaches as a failure of judgment, whereas it is actually a rigid application of the IFAB laws."
मैच के अन्य विवादास्पद क्षणों पर बात करते हुए, सीटीए ने एस्पनयोल और सेविला मैच में सांगांटे को दिए गए रेड कार्ड को सही ठहराया। समिति ने कहा कि सांगांटे ने जानबूझकर फॉरवर्ड को गिराया, जिससे 'DOGSO' (गोल करने के स्पष्ट अवसर को रोकना) का मामला बनता है। इसी तरह, एथलेटिक और एटलेटिको के बीच निको विलियम्स के गोल पर यह स्पष्ट किया गया कि उपलब्ध कैमरों में गेंद के पूरी तरह लाइन पार करने का कोई सबूत नहीं मिला।
अंत में, विलारियल और डेपोर्टिवो के मैच में पापे गुये के गोल को रद्द करने के फैसले का समर्थन किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, विलारियल के खिलाड़ी फ्री-किक के दौरान बैरियर के एक मीटर के भीतर थे, जो नियमों का उल्लंघन है, इसलिए गोल को रद्द करना और इनडायरेक्ट फ्री-किक देना सही था।
| घटना (Incident) | विवाद (Controversy) | सीटीए का फैसला (CTA Verdict) |
|---|---|---|
| रियल मैड्रिड पेनल्टी | बार्ट्रा की स्थिति | सही (कोई उल्लंघन नहीं) |
| निको विलियम्स गोल | बॉल आउट ऑफ बाउंड्स | सही (गोल वैध) |
| सांगांटे रेड कार्ड | फाउल की गंभीरता | सही (रेड कार्ड उचित) |
Frequently Asked Questions
1. मौरिन्हो ने वैर (VAR) पर क्या आरोप लगाए थे?
मौरिन्हो ने आरोप लगाया था कि वैर या तो नियमों को नहीं जानता था या उसने जानबूझकर पेनल्टी को दोबारा नहीं दोहराया।
2. बार्ट्रा के मामले में नियम क्या कहता है?
नियम के अनुसार, यदि खिलाड़ी का एक पैर जमीन पर है, तो वह हवा में नहीं माना जाता और उसकी स्थिति जमीन के संपर्क से तय होती है।