श्रीलंका के खिलाफ दो शतक लगाने के बाद देवदत्त पडिक्कल ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में भी अपनी फॉर्म बरकरार रखी है। साउथ जोन की ओर से खेलते हुए पडिक्कल ने अर्धशतकीय पारी खेली, हालांकि ईशान किशन के ऐतिहासिक तिहरे शतक के करीब पहुंचने वाले स्कोर ने सबका ध्यान खींचा।
- देवदत्त पडिक्कल ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में साउथ जोन के लिए 62 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली।
- ईशान किशन ने ईस्ट जोन के लिए 270 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर रिकॉर्ड तोड़ा।
- पडिक्कल ने श्रीलंका दौरे पर दो शतक लगाने के बाद घरेलू क्रिकेट में भी निरंतरता बनाए रखी है।
भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे देवदत्त पडिक्कल इन दिनों अपनी बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं और प्रशंसकों का ध्यान खींच रहे हैं। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में लगातार दो शानदार शतक जड़कर 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' बनने के बाद, पडिक्कल ने घरेलू क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट, दलीप ट्रॉफी के फाइनल में भी अपनी क्लास दिखाई है।
चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन और ईस्ट जोन के बीच खेले जा रहे इस खिताबी मुकाबले में पडिक्कल ने नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए संयमित और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने 104 गेंदों का सामना करते हुए 62 रन बनाए, जिसमें 4 शानदार चौके शामिल थे। उन्होंने एन जगदीशन के साथ दूसरे विकेट के लिए 60 रन और शेख रशीद के साथ तीसरे विकेट के लिए 56 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिससे साउथ जोन को एक मजबूत आधार मिला।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, पडिक्कल की यह निरंतरता उन्हें भारतीय राष्ट्रीय टीम के मध्यक्रम के लिए एक प्रबल दावेदार बनाती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर (श्रीलंका) और घरेलू स्तर (दलीप ट्रॉफी) दोनों जगह बड़े मैचों में रन बनाना यह दर्शाता है कि खिलाड़ी मानसिक रूप से दबाव झेलने में सक्षम है।
"घरेलू क्रिकेट में निरंतरता ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबी पारी खेलने की कुंजी है, और पडिक्कल वर्तमान में उसी राह पर हैं।"
हालांकि, पडिक्कल एक बड़े स्कोर तक पहुंचने से चूक गए। वह अच्छी लय में दिख रहे थे, लेकिन 36वें ओवर में तेज गेंदबाज मुकेश कुमार की एक गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वह आउट हो गए और उनका कैच सब्स्टीट्यूट फील्डर डेनिश दास ने लपका।
मैच का सबसे बड़ा आकर्षण ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन रहे। किशन ने नंबर 5 पर बल्लेबाजी करते हुए 270 रनों की विशाल पारी खेली। इस पारी के साथ ही वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में 250 से अधिक रन बनाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज बन गए हैं। वह अरुण लाल और सबा करीम के बाद ईस्ट जोन के तीसरे ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने इस टूर्नामेंट में दोहरा शतक लगाया है। ईस्ट जोन ने अपनी पहली पारी में 708 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया है।
| खिलाड़ी | टीम | स्कोर | विशेष उपलब्धि |
|---|---|---|---|
| ईशान किशन | ईस्ट जोन | 270 | दलीप ट्रॉफी में 250+ रन बनाने वाले पहले WK-बल्लेबाज |
| देवदत्त पडिक्कल | साउथ जोन | 62 | श्रीलंका में 2 शतकों के बाद निरंतर फॉर्म |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: दलीप ट्रॉफी फाइनल कहाँ खेला जा रहा है?
उत्तर: यह मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जा रहा है।
प्रश्न 2: ईशान किशन ने कौन सा नया रिकॉर्ड बनाया है?
उत्तर: वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में 250 से ज्यादा रन बनाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज बन गए हैं।