यूरोपीय लीग्स ने यूरोपीय आयोग में अपनी शिकायत का विस्तार करते हुए फीफा पर महिला फुटबॉल कैलेंडर के प्रबंधन में 'दुरुपयोगपूर्ण व्यवहार' का आरोप लगाया है। यह कानूनी लड़ाई अब पुरुष और महिला दोनों खेलों के वित्तीय स्थिरता और खिलाड़ियों के स्वास्थ्य से जुड़ गई है।

  • यूरोपीय लीग्स ने महिला फुटबॉल कैलेंडर को लेकर यूरोपीय आयोग में अपनी शिकायत का विस्तार किया है।
  • फीफा पर नियामक और व्यावसायिक ऑपरेटर दोनों भूमिकाएं निभाने के कारण 'हितों के टकराव' का आरोप है।
  • आरोप है कि फीफा के फैसले महिला लीगों की वित्तीय स्थिरता और खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल रहे हैं।

यूरोप के प्रमुख फुटबॉल लीगों के समूह, European Leagues, जिसने प्रीमियर लीग और स्कॉटिश प्रोफेशनल फुटबॉल लीग (SPFL) जैसे दिग्गजों को अपने साथ जोड़ा है, ने फीफा (FIFA) के खिलाफ अपनी कानूनी लड़ाई को और तेज कर दिया है। मूल रूप से अक्टूबर 2024 में पुरुषों के अंतरराष्ट्रीय मैच कैलेंडर को लेकर शुरू हुई यह शिकायत अब महिला फुटबॉल के दायरे में भी आ गई है।

यूरोपीय लीग्स ने हाल ही में इंग्लैंड की Women’s Super League (WSL) और स्कॉटिश विमेंस प्रीमियर लीग (SWPL) सहित 14 महिला लीगों का स्वागत किया है। समूह का दावा है कि फीफा ने यूरोपीय प्रतिस्पर्धा कानून के तहत अपनी प्रभुत्व वाली स्थिति का दुरुपयोग किया है और महिला फुटबॉल के अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर और नियामक निर्णयों के संबंध में लीगों के साथ उचित परामर्श नहीं किया है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद केवल तारीखों का नहीं, बल्कि फुटबॉल के शासन मॉडल का है। जब फीफा एक ही समय में खेल का नियामक (Regulator) और व्यावसायिक आयोजक (Organizer) दोनों होता है, तो वह अपने व्यावसायिक हितों को प्राथमिकता देता है। इससे राष्ट्रीय लीगों की कमाई घटती है और खिलाड़ियों पर शारीरिक दबाव बढ़ता है, जो दीर्घकालिक रूप से खेल के विकास को बाधित कर सकता है।

"फीफा का एकतरफा निर्णय लेने का तरीका महिला फुटबॉल की उभरती व्यावसायिक संभावनाओं को खतरे में डाल रहा है, जिससे यूरोपीय आयोग का हस्तक्षेप अनिवार्य हो गया है।"

यह कानूनी दबाव ऐसे समय में आया है जब फीफा अध्यक्ष Gianni Infantino पहले से ही विवादों में हैं। उन पर विश्व कप जैसे टूर्नामेंटों के संचालन के लिए निजी निवेश लाने की योजना (FIFA Forward Enterprise - FFE) बनाने के कारण तीन महाद्वीपीय परिसंघों का विरोध झेलना पड़ रहा है। हालांकि इस योजना को बाद में छोड़ दिया गया, लेकिन इसने फीफा की 'लाभ-संचालित' मानसिकता को उजागर कर दिया है।

फीफा ने पहले ही स्पष्ट किया है कि 2023 के कांग्रेस में घोषित कैलेंडर सभी हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श का परिणाम था। फीफा का तर्क है कि उसे क्लब वर्ल्ड कप जैसी अपनी प्रतियोगिताओं के मापदंड तय करने का पूरा अधिकार है, बशर्ते वे सहमत कैलेंडर ढांचे के भीतर हों।

क्या आप जानते हैं?: महिला फुटबॉल की लोकप्रियता में पिछले दशक में वैश्विक स्तर पर सबसे तीव्र वृद्धि देखी गई है, जिससे अब इसके व्यावसायिक अधिकारों (Commercial Rights) के लिए बड़ी जंग छिड़ गई है।

Frequently Asked Questions

1. यूरोपीय लीग्स ने फीफा पर क्या आरोप लगाया है?
आरोप है कि फीफा ने अपनी प्रभुत्व वाली स्थिति का उपयोग करके महिला फुटबॉल कैलेंडर में लीगों की अनदेखी की है, जिससे खिलाड़ियों का स्वास्थ्य और लीगों की वित्तीय स्थिति खतरे में है।

2. Gianni Infantino के खिलाफ विवाद क्या है?
उन पर फीफा प्रतियोगिताओं के लिए 'FIFA Forward Enterprise' के माध्यम से निजी निवेश लाने की कोशिश करने का आरोप है, जिसे हितों का टकराव माना गया।