मैसूरु दशहरा उत्सव समिति द्वारा आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित कंबला दौड़ के लिए 100 से अधिक भैंस जोड़ों के मालिकों ने अपनी उत्सुकता जताई है। कर्नाटक राज्य कंबला एसोसिएशन ने आगामी सीजन के लिए नए नियमों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की घोषणा की है।

  • मैसूरु कंबला के लिए 100 से अधिक भैंस जोड़ों ने रुचि दिखाई है।
  • तटीय क्षेत्र में 2026-27 का कंबला सीजन 7 नवंबर से शुरू होगा।
  • जॉकी के लिए नए नियम लागू किए गए हैं ताकि प्रतिस्पर्धा निष्पक्ष रहे।
  • 180 युवा जॉकी को तैराकी और शारीरिक फिटनेस का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कर्नाटक की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक कंबला (कीचड़ वाली ट्रैक पर भैंसों की दौड़) एक बार फिर चर्चा में है। कर्नाटक राज्य कंबला एसोसिएशन के अध्यक्ष बेलपु देवीप्रसाद शेट्टी ने खुलासा किया है कि मैसूरु दशहरा उत्सव समिति द्वारा 18 और 19 अक्टूबर को संभावित रूप से आयोजित होने वाली कंबला दौड़ के लिए 100 से अधिक भैंस जोड़ों के मालिकों ने अपनी इच्छा व्यक्त की है।

हालांकि, एसोसिएशन और उत्सव समिति के बीच आधिकारिक निमंत्रण और भागीदारी की संख्या को लेकर अभी अंतिम बातचीत होनी बाकी है। श्री शेट्टी के अनुसार, समिति के साथ एक संयुक्त बैठक के बाद ही इस आयोजन का पूरा ढांचा और नियम तय किए जाएंगे।

नियमों में बदलाव और जॉकी प्रशिक्षण

एसोसिएशन के महासचिव विजयाकुमार कंगीनमाने ने घोषणा की कि 2026-27 के सीजन से कंबला जॉकी के लिए कड़े नियम लागू होंगे। अब एक जॉकी प्रत्येक दौड़ श्रेणी (नायिलु हिरिया, नायिलु किरिया, हग्गा हिरिया, और हग्गा किरिया) में केवल एक ही जोड़ी भैंसों को संभाल सकेगा। यह कदम खेल की गुणवत्ता और निष्पक्षता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।

खिलाड़ियों की तैयारी को लेकर भी व्यापक योजना बनाई गई है। 12 और 13 सितंबर को करकला में 18 और 25 वर्ष की आयु के लगभग 180 जॉकी को तैराकी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद, 16 से 26 सितंबर तक मियार कंबला ट्रैक पर उन्हें भैंसों को नियंत्रित करने, योग और शारीरिक फिटनेस का गहन प्रशिक्षण मिलेगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि कंबला का मैसूरु जैसे शहरी और पर्यटन केंद्र में विस्तार इसे केवल एक क्षेत्रीय खेल से बदलकर एक वैश्विक सांस्कृतिक आकर्षण बना रहा है। यह न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है, बल्कि पारंपरिक पशुपालन पद्धतियों को भी संरक्षित करता है।

"कंबला केवल एक दौड़ नहीं है, बल्कि यह मनुष्य और पशु के बीच के गहरे बंधन और तटीय कर्नाटक की मिट्टी की पहचान है।"

तटीय क्षेत्र के लिए 2026-27 का सीजन 7 नवंबर से शुरू होगा, जिसमें दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में कुल 27 कंबला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

श्रेणी (Category) विवरण (Description)
Naegilu Hiriya वरिष्ठ श्रेणी (हल के साथ)
Naegilu Kiriya कनिष्ठ श्रेणी (हल के साथ)
Hagga Hiriya वरिष्ठ श्रेणी (लगाम के साथ)
Hagga Kiriya कनिष्ठ श्रेणी (लगाम के साथ)
क्या आप जानते हैं?: कंबला पारंपरिक रूप से फसल कटाई के बाद देवताओं के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए आयोजित किया जाता था, जो अब एक प्रतिस्पर्धी खेल बन गया है।

Frequently Asked Questions

1. मैसूरु कंबला कब आयोजित किया जा सकता है?
यह संभावित रूप से 18 और 19 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा।

2. जॉकी के लिए नए नियम क्या हैं?
एक जॉकी अब प्रत्येक श्रेणी में केवल एक जोड़ी भैंसों को ही संभाल सकता है।