इंग्लैंड के जो रूट ने एजबेस्टन टेस्ट के दौरान रिकी पोंटिंग और स्टीव वॉ जैसी महान हस्तियों को पीछे छोड़ते हुए टेस्ट क्रिकेट के सबसे अधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में तीसरा स्थान हासिल कर लिया है।
- जो रूट अब 169 मैचों के साथ इतिहास के तीसरे सबसे अनुभवी टेस्ट खिलाड़ी हैं।
- उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग और स्टीव वॉ (दोनों 168 टेस्ट) को पीछे छोड़ दिया है।
- सचिन तेंदुलकर (200) और जेम्स एंडरसन (188) अभी भी रूट से आगे हैं।
- रूट टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं।
एजबेस्टन में पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे टेस्ट के दौरान एक ऐतिहासिक क्षण आया, जब जो रूट ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे अधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में तीसरा स्थान हासिल किया। मैदान पर उतरते ही रूट ने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तानों रिकी पोंटिंग और स्टीव वॉ के साथ चल रहे तीनतरफा बराबरी को तोड़ दिया, जिन्होंने अपने करियर में 168 टेस्ट खेले थे। यह उपलब्धि केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि रूट की अविश्वसनीय फिटनेस और खेल के प्रति समर्पण का प्रमाण है।
रूट का सांख्यिकीय रिकॉर्ड किसी चमत्कार से कम नहीं है। एजबेस्टन टेस्ट में प्रवेश करते समय, इंग्लैंड के इस स्टार बल्लेबाज ने 168 मैचों में 50.38 की औसत से 14,208 रन बनाए थे। उनके करियर में 41 शतक और 68 अर्धशतक शामिल हैं, जबकि उनका सर्वोच्च स्कोर 262 रन है। बल्लेबाजी के अलावा, रूट ने अपनी पार्ट-टाइम गेंदबाजी से 74 विकेट भी चटकाए हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि रूट केवल रिकॉर्ड्स का पीछा नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे आधुनिक युग में अंग्रेजी बल्लेबाजी की परिभाषा बदल रहे हैं। T20 के दौर में, टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनकी निष्ठा यह सुनिश्चित करती है कि खेल का यह शास्त्रीय स्वरूप जीवित रहे। तीसरे स्थान पर पहुँचकर, उन्होंने उन चुनिंदा खिलाड़ियों के समूह में जगह बना ली है जिन्होंने लगभग दो दशकों तक अपना शीर्ष स्तर बनाए रखा।
विभिन्न परिस्थितियों में लगातार प्रदर्शन करने की जो रूट की क्षमता उन्हें महान सचिन तेंदुलकर के सबसे करीब समकालीन खिलाड़ी बनाती है।
हालांकि रूट ने लंबी छलांग लगाई है, लेकिन शिखर पर अभी भी 'मास्टर ब्लास्टर' का कब्जा है। सचिन तेंदुलकर इतिहास के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने 200 टेस्ट मैचों का आंकड़ा पार किया है (1989-2013)। तेंदुलकर के बाद इंग्लैंड के ही दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का नाम आता है, जिन्होंने 2024 में संन्यास लेने तक 188 मैच खेले थे।
वर्तमान में इंग्लैंड की कप्तानी संभाल रहे रूट पर पाकिस्तान के खिलाफ टीम का नेतृत्व करने का भारी दबाव है। हालांकि इस सीरीज के शुरुआती मैचों में उन्हें शतक नहीं मिला है, लेकिन उनकी मौजूदगी इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ा मनोवैज्ञानिक सहारा है।
| खिलाड़ी | देश | टेस्ट मैच | स्थिति |
|---|---|---|---|
| सचिन तेंदुलकर | भारत | 200 | संन्यास |
| जेम्स एंडरसन | इंग्लैंड | 188 | संन्यास |
| जो रूट | इंग्लैंड | 169 | सक्रिय |
| रिकी पोंटिंग | ऑस्ट्रेलिया | 168 | संन्यास |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी करने के लिए जो रूट को कितने और टेस्ट खेलने होंगे?
जो रूट ने अब तक 169 टेस्ट खेले हैं; उन्हें तेंदुलकर के 200 मैचों के रिकॉर्ड की बराबरी करने के लिए 31 और टेस्ट खेलने होंगे।
प्रश्न 2: कुल टेस्ट रनों के मामले में जो रूट किससे पीछे हैं?
जो रूट टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं और केवल सचिन तेंदुलकर उनसे आगे हैं।